
mp news: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर लोकायुक्त की कार्रवाई का सिलसिला जारी है। हर आते दूसरे दिन प्रदेश में कहीं न कहीं पर रिश्वतखोर पकड़े जा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारी बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला आगर मालवा जिले का है जहां एक सब इंस्पेक्टर को लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। सब इंस्पेक्टर ने एक नाबालिग लड़की के पिता से 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।
उज्जैन लोकायुक्त ने बुधवार को नलखेड़ा थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर नानूराम बघेल को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। सब इंस्पेक्टर ने यह रिश्वत एक मजबूर पिता से मांगी थी जिसकी पहचान गुप्त रखी जा रही है। दरअसल इस पिता की नाबालिग बेटी को एक लड़का बहला फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया था। आरोपी लड़के को पकड़ने के लिए सब इंस्पेक्टर नानूराम फरियादी पिता से 10 हजार रुपए मांग रहा था। जिसकी शिकायत मजबूर पिता ने उज्जैन लोकायुक्त कार्यालय में की थी। फरियादी की शिकायत जांच में सही पाए जाने के बाद उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत की पहली किस्त 5 हजार रुपए लेकर उसे रिश्वतखोर सब इंस्पेक्टर के पास भेजा।
सब इंस्पेक्टर नानूराम बघेल ने रिश्वत देने के लिए नलखेड़ा थाने में बुलाया और जैसे ही उसने रिश्वत के रुपए लिए तो लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। फरियादी ने बताया कि उसकी 16 साल 5 महीने की बेटी 16 नवंबर को लापता हो गई थी। पुलिस में शिकायत की तो मुंबई से 27 नवंबर को बेटी को बरामद कर मुझे सौंप दिया गया लेकिन पुलिस ने आरोपी लड़के को गिरफ्तार नहीं किया। बेटी की बरामदगी के लिए मुंबई से लाने का 19 हजार रुपए और रास्ते का खर्च पहले ही पिता दे चुका था। लेकिन इसके बाद भी सब इंस्पेक्टर नानूराम बघेल उससे 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था।
Updated on:
18 Dec 2024 08:37 pm
Published on:
18 Dec 2024 08:36 pm
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