
इन सोसायटियों के अध्यक्ष और संरक्षक सोसायटी कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों के माध्यम से अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने तक ही सीमित हैं। इनमें से भेल ठेका कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष पूर्व पार्षद पति हैं और वर्तमान में बाबूलाल गौर महाविद्यालय जनभागीदारी के अध्यक्ष हैं, तो संरक्षक विधायक कृष्णा गौर हैं। इसके बाद भी सोसायटी कर्मचारी अपने हक के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और चौखट-चौखट माथा टेक रहे हैं। सोसायटी कर्मचारी क्षेत्रीय नेता और समाजसेवी मृणालिनी सिंह सेंगर के पास फरियाद लेकर पहुंचे। इस पर मृणालिनी ने सोमवार को भेल के फाउंड्री गेट पर पहुंचकर लोगों से मुलाकात की और उन्हें उचित वेतन दिलाए जाने के साथ उनके वेतन से हो रही कटौती को बंद करवाने की बात कही।
2014 से वेज रिवीजन नहीं किया
सोसायटी कर्मचारियों का कहना है 2014 से वेज रिवीजन नहीं किया गया। मध्य प्रदेश सरकार इस बीच दो बार वेज रिवीजन कर चुकी है। हमारा भी वेज रिवीजन किया जाए। जिससे हम लोग भी अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें।
4 साल से की जा रही 1600 की कटौती
हम लोगों को मिलने वाले वेतन से बीते चार साल से लगातार 1600 रुपए की कटौती की जा रही है। इससे हम लोगों को परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। वहीं भेल के स्थाई कर्मचारियों के वेतन से की जा रही 10 हजार की कटौती को बंद कर एरिएर्स सहित भुगतान किया जा चुका है, पर सोसायटी वर्कर और ठेका श्रमिकों को सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है।
वर्ष 2014 से हम लोगों का वेज रिवीजन नहीं किया गया। मध्य प्रदेश सरकार इस बीच दो बार वेज रिवीजन कर चुकी है। हमारा वेज रिवीजन किया जाए। वहीं हम लोगों को मिलने वाले वेतन से बीते चार साल से लगातार 1600 की कटौती की जा रही है। इससे हम लोगों को परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। अजय मिश्रा, भेल ठेका कर्मचारी संयुक्त मोर्चा
हम बीते चार साल से वेतन कटौती की मार झेल रहे हैं। हमारे वेतन से 1600 की कटौती की जा रही है। पहले ही वेतन कम है, ऐसे में कटौती से परिवार का भरण पोषण मुश्किल हो रहा है। हम भेल मैनेजमेंट के साथ ही कलेक्टर ऑफिस तक से फरियाद कर चुके हैं, इसके बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। पी सुंदरेशन, बीएचईएल लेबर कान्टै्रक्ट सहकारी समिति
हम लोगों का बिजली, पानी के बिल के साथ कमरे का किराया बढ़ाकर एक ओर बोझ लादा जा रहा है तो दूसरी ओर लगातार वेतन से की जा रही 1600 रुपए की कटौती के बाद इतना पैसा नहीं बचता कि परिवार की जरूरतें पूरी की जा सकें। मंत्री तक फरियाद कर चुके हैं फिर भी सुनवाई नहीं हो रही। सुगली रैकवार, बीएचई कमचारी सोसायटी
बीएचईएल में नौकरी करते-करते उम्र बीत गई, पर अब तक इतना वेतन नहीं मिल पाया कि परिवार का भरण पोषण करते हुए उनकी जरूरतों को पूरा कर सकें। हम लोगों का न तो वेज रिवीजन किया गया न ही वेतन से की जा रही कटौती बंद की गई। अब इस उम्र में जाएं तो जाएं कहां। शारदा प्रसाद बर्मन, सोसायटी श्रमिक भेल
Published on:
31 Jul 2023 09:34 pm
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