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21 साल बाद मिले दोस्त, दिल में दबी यादें फिर ताजा हुई

कोटा इंजीनियरिंग कॉलेज एल बैच के छात्रों के रजत जयंती समारोह में दो दशक बाद मिले दोस्त एक-दूसरे को देख झूम उठे और यादें ताजा की।
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अगार मालवा

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Shailendra Tiwari

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Updated: 25 Dec 2017, 11:11 PM IST

Kota Engineering College students

कोटा . 21 साल बाद कोटा इंजीनियरिंग कॉलेज का एल बैच एक बार फिर सीखने-सिखाने के लिए कोटा में आ जुटा। दो दशक बाद मिले दोस्त एक-दूसरे को देख झूम उठे। दिलों में दबी यादें एक बार फिर ताजा हो गई। गाने-बजाने के साथ मौज मस्ती का दौर ऐसा चला कि रात कब गुजर गई पता ही नहीं चला। इससे पहले छात्रों ने कॉलेज जाकर गुरुजनों का सम्मान किया। वर्ष 1992 से 1996 तक चार साल कोटा इंजीनियरिंग कॉलेज में पढऩे वाले 200 से ज्यादा छात्र एल बैच के सिल्वर जुबली समारोह में शामिल होने कोटा आ जुटे। दूसरे दिन सभी छात्र पुरानी यादें ताजा करने आरटीयू कैम्पस स्थित कोटा इंजीनियरिंग कॉलेज जा पहुंचे। हॉस्टल के जिस कमरे में वो रहते थे उसमें रहने वाले अपने जूनियर्स के साथ मुलाकात कर अपने दौर की यादें साझा की। मैस में खाना खाया और खेल मैदान की क्रिकेट पिच पर जमकर चौके-छक्के जड़े।

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शिक्षकों का सम्मान : एल बैच के सिल्वर जुबली समारोह के मौके पर कोटा इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंचे छात्रों ने अपने दौर के साथ-साथ फिलहाल कॉलेज में पढ़ा रहे शिक्षकों का सम्मान भी किया। ओल्ड बॉयज एसोसिएशन के प्रवक्ता विकास जैन ने बताया कि प्रो. एससी जैन, राजेश सिंघल, एके अरोरा, दिनेश यादव और दिवाकर शर्मा आदि शिक्षकों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस मौके पर छात्रों ने शिक्षकों के साथ अपने अनुभव भी साझा किए।

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बॉलीवुड थीम पर सजी शाम : सिल्वर जुबली समारोह के दूसरे दिन शाम को एक बार फिर हरियाली रिसॉर्ट में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। आयोजन समिति के संयोजक पंकज जैन ने बताया कि पूरे रिसॉर्ट को बॉलीवुड थीम पर साजाया गया। शोले के गब्बर से लेकर मुगले आजम के अकबर तक लोगों का मनोरंजन करने यहां मौजूद थे। मुम्बई से आए कलाकारों ने डांस के जलवे बिखेरे और सुरमई गानों से देर रात तक समा बांधे रखा। कैंडल लाइट डिनर के बाद भी देर रात तक पार्टी का दौर चलता रहा।