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जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा… मेरा रंग दे बसंती चोला पर झूमे ऑडियंस

आध्यात्मिक गुरु बाबा सत्यनारायण मौर्य की 'कंकर-कंकर-शंकर' सांस्कृतिक संध्या में उमड़ी की भीड़
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अगार मालवा

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Jyoti Gupta

•

Updated: 8 Oct 2018, 11:42 PM IST

The spiritual guru Baba Satyanarayan Maurya's present old song

The spiritual guru Baba Satyanarayan Maurya's present old song

सतना. सैकड़ों की तादात में पब्लिक और उनके बीच मौजूद आध्यात्मिक गुरु बाबा सत्यनारायण मौर्य ने रविवार की सुहानी शाम को संगीतमय, सुरमय, भक्तिमय और देशभक्तिमय बना दिया। सीएमए ग्राउंड में पद्याशंकर चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित कंकर-कंकर-शंकर सांस्कृतिक संध्या में मुम्बई के अंतरराष्ट्रीय चित्रकार, कवि बाबा सत्यनारायण ने देशभक्ति से ओत-प्रोत ओजस्वी प्रस्तुति दी। उन्होंने पुराने गीतों को गाकर महफिल में जान डाल दी। शायद ही कोई राग बचा हो जिसके गाने उन्होंने न गए हों। राग भैरवी, पहाड़ी, जंझारू, मेघ पर आधारित गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। इतना ही नहीं इन गानों के माध्यम से नई पीढ़ी को कैसे शिक्षित किया जाए, उनके अंदर संस्कारों को कैसे विकसित किया जाए यह भी बताया। सतनावासियों को इस दीवाली पर महापुरुषों के नाम से दीया जलाने की नसीहत दी। साथ पितरों में शहीदों का श्राद्ध मनाने का संदेश दिया।

मां भारती की बना दी तस्वीर
सांस्कृतिक संध्या में उन्होंने देशभक्ति गीतों को गाकर मां भारती का चित्र बना दिया। इतना ही नहीं इस दो घंटे के अंतराल में उन्होंने भगवान गणेश, शिव और समाजसेवी शंकर प्रसाद ताम्रकार का चित्र बना दिया। एक तरफ उत्प्रेरक विचार, दूसरी तरफ हाथ में अलग-अलग रंगों का ब्रश, एक तरफ उनके यादगार गीतों की प्रस्तुति तो दूसरी तरफ चित्रों को आकार देना, यह सब देखकर दर्शक अचांभित हो उठे।

सदाबहार नगमे पेश किए
उन्होंने इस सुहानी शाम में बहुत ही यादगार पुराने गीतों को गाया। जादूगर सैया, जाने वाले ओ जाने वाले, जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा, बेखूदी में सनम, एक दो तीन चार, राम तेरी गंगा मैली हो गई, दो हंसों का जोड़ा बिछड़ गयो रे, मेघा रे मेघा रे, दिल का खिलौना हाय टूट गया जैसे सदाबहार पुराने गीत गा कर दर्शकों को खड़े होकर झूमने पर मजबूर कर दिया। इतना ही नहीं बुंदेलखंड गीत फंस गई जल मछरी को भी गाया। समापन मेरा रंग दे बसंती चोला और वंदे मातरम गीत कर किया। मौके पर महापौर ममता पांडेय, प्रधान ट्रस्टी योगेश ताम्रकार और कमेटी के सदस्य , वरिष्ठ समाजसेवी और सैकड़ों की संख्या में नागरिक मौजूद रहे।