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इस चातुर्मास में इतने दिन सुसनेर में रुकेंगे ये जैन संत

जैन मुनिश्री भूतबलीसागर का वर्षा योग चातुर्मास नगर में होगा। साथ में उनके संघ के मुनिश्री मौनसागर, मुनिश्री मुक्तिसागर, मुनिश्री मुनिसागर भी हैं। तपती धूप में मुनिश्री पैदल विहार करते हुए उज्जैन से आ रहे हैं। शहर से पहुंचे श्रावक उनके साथ चल रहे हैं।

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इस चातुर्मास में इतने दिन सुसनेर में रुकेंगे ये जैन संत

जैन मुनिश्री भूतबलीसागर का वर्षा योग चातुर्मास नगर में होगा। साथ में उनके संघ के मुनिश्री मौनसागर, मुनिश्री मुक्तिसागर, मुनिश्री मुनिसागर भी हैं। तपती धूप में मुनिश्री पैदल विहार करते हुए उज्जैन से आ रहे हैं। शहर से पहुंचे श्रावक उनके साथ चल रहे हैं।

सुसनेर. जैन मुनिश्री भूतबलीसागर का वर्षा योग चातुर्मास नगर में होगा। साथ में उनके संघ के मुनिश्री मौनसागर, मुनिश्री मुक्तिसागर, मुनिश्री मुनिसागर भी हैं। तपती धूप में मुनिश्री पैदल विहार करते हुए उज्जैन से आ रहे हैं। शहर से पहुंचे श्रावक उनके साथ चल रहे हैं। मुनिश्री ने मंगलवार शाम 5 बजे तनोडिय़ा से विहार किया। वे 8 किमी चल रात्रि विश्राम के लिए पालखेड़ी रुके। मुनिश्री के आगर, आमला होते 25-26 जून को सुसनेर आने की संभावना है। पहली बार जैन मुनि सुसनेर में चातुर्मास करेंगे। उनसे अनुमति लेने समाज का प्रतिनिधिमंडल उज्जैन श्रीफल अर्पित करने पहुंचा था। समाज सदस्यों ने उनसे चातुर्मास हेतु निवेदन किया तब उन्होंने सुसनेर समाज को आशीर्वाद दे दिया। 2 जुलाई को सुसनेर में मुनिश्री के चातुर्मास कलश की स्थापना होगी।


चातुर्मास समिति का हुआ गठन
मुनिश्री के चातुर्मास के लिए चातुर्मास समिति गठित हुई है। अध्यक्ष मुकेश सांवला एवं संयोजक अशोक जैन मामा को मनोनीत किया गया है। इसके अतिरिक्त वरिष्ठजनों को संरक्षक मंडल व युवाओं को अन्य पदों की जिम्मेदारी दी है।

इस बार 149 दिन का होगा चातुर्मास
सकल जैन समाज का इस वर्ष चातुर्मास 149 दिन का होगा। पांच माह तक चलने वाले चातुर्मास में इस साल इसलिए भी कि खास है क्योंकि चातुर्मास में 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के निर्वाण का 2550वां वर्ष शुरू होगा। इसे लेकर समाज में खासा उत्साह है। गौरतलब है जैन मान्यतानुसार चातुर्मास आषाढ़ शुक्ला चौदस से शुरू होकर कार्तिक पूर्णिमा तक रहता है। हर साल चातुर्मास के दिवस 120 होते हैं। इस वर्ष श्रावण की अधिकता से चातुर्मास 2 जुलाई से शुरू होकर 27 नवंबर तक होने से 149 दिवसीय चातुर्मासिक समय रहेगा। 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी का 2550वां निर्वाण वर्ष की शुरुआत भी 12 नवंबर को होगी। अब साल 2042, 2061, 2080 और 2099 में चातुर्मास पांच माह का रहेगा।