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सुसनेर. विश्व के पहले गो अभयारण्य में लापरवाही का सिलसिल थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को ५ गायों की मौत हो गई। इधर प्रशासन मामले को दबाने में लगा है। दूसरी ओर लोगों का आक्रोश भी पनपता जा रहा है। सुसनेर में गायों की मौत पर जिम्मेदारों की अनदेखी से दु:खी अभिभाषक संघ व नगरवासियों ने श्री संकटमोचन हनुमान के चरणों में गोहत्यारों को दंड देने के लिए प्रार्थना की।
साथ ही मृत गायों को श्रद्धांजलि देकर भगवान को ज्ञापन सौंपा। विश्व के पहले गोअभयारण्य में गोमाता के साथ व्यवहार कर निजी स्वार्थ सिद्धि के लिए उनको दिए जा रहे सुखले में जहर, रेत, बदबूदार, रायड़ा व सोयाबीन का सड़ा सुखला दिया जा रहा है। इस बाबत जिम्मेदारों को आम लोगों ने समय-समय पर अवगत कराया लेकिन इन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। परिणाम स्वरूप 7 हजार गायों से शुरू हुआ अभयारण्य में आज 4 हजार से ज्यादा गायें ही बची हैं। इधर रोज 10 से 15 गायें बेबस हो जाती हैं, जिनको मरी हुईं बताकर गड्ढों में दफनाया जा रहा है।
सुखला देने वाले ठेकेदार को बचाने हेतु हर संभव प्रयास कर हो रहे हैं। संकटमोचन हनुमानजी आपसे विनती है की इस पृथ्वी पर तो इन लोगों का हिसाब करने वाला कोई नहीं है, क्योंकि वह स्वयं अपने को ईश्वर का अवतार बताते हैं। इस कारण आपसे हमारा करबद्ध निवेदन है कि मृत्यु लोक में आप इन्हें गोमाता की मृत्यु के समान मृत्युदंड दें तथा जिम्मेदारों को सद्बुद्धि प्रदान करें।
अभिभाषक संघ के गोविंदसिंह चंद्रावत, पूरसिंह सिसौदिया, चंद्रशेखर शर्मा, विजयसिंह बगड़ावत, दिलीप पांडे, दिनेश राठौर, मनोज जैन, रूपनारायण श्रीवास्तव, राजेश जैन, गजेंद्र बंजारिया मौजूद थे।
आगर-मालवा. जैन समाजजनों द्वारा नवरत्न परिवार के बैनर तले कलेक्टर अजय गुप्ता को ज्ञापन सौंपा गया। पूरे घटनाक्रम पर चिंता जाहिर कर समाजजनों ने बताया देश के पहले गौ अभयारण्य में खराब भूसा खाने से सैकड़ों गायों की मौत हो गई है। इतनी बड़ी मात्रा में मौत हो जाना कहीं न कहीं लापरवाही को दर्शाता है।
पदस्थ स्टाफ भी जिम्मेदारी का निर्वहन न करते हुए अधिकांश समय अनुपस्थित रहता है। गायों की मौत के बाद भी परंपरागत तरीके से अंतिम संस्कार नहीं किया गया, जबकि विधि विधान से अंतिम संस्कार होना था। मामले में जो भी दोषी हो उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए। जैन मूर्तिपूजक श्रीसंघ अध्यक्ष सुरेंद्रकुमार मारू, नेमीचंद भंडारी, रखबचंद जैन, विजय कोठारी, सुधीर भाई जैन, अजय मारूबर्डिया, बंटी कोठारी, पंकज तरवेचा, प्रमोद कोठारी, प्रीतम जैन, नीरज जैन, निलेश जैन, पीयुष जैन, मनोज जैन, चंद्रशेखर घुघरिया, धर्मेंद्र जैन मौजूद थे।
नवरत्न परिवार के माध्यम से जैन समाजजनों ने कलेक्टर से कहा अभयारण्य में गाय के उपचार से लेकर व्यवस्था के संबंध में प्रशासन यदि समाज को कोई कार्य सौंपता है तो समाज उसका तन्मयता के साथ निर्वहन करेगा।

Published on:
28 Dec 2017 12:54 pm
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