राजकिशोर राजे ने तवारीख ए आगरा, मोहल्ले आगरा के में सन 1857 की लड़ाई के बारे में बखूबी लिखा है। उन्होंने लिखा है कि अंग्रजों ने जब सुचेता गांव पर हमला किया था। तब भारतीय सिपाहियों के पास 11 तोपें और 1500 सैनिक थे। अंग्रेजों की बारूद से भरी बैलगाड़ी में भारतीय सैनिकों ने आग लगा दी थी। इसके बाद मेजर प्रेडरगास्ट अपने 200 घुड़सवारों को लेकर लड़ने गया, लेकिन 18 घुड़सवार मारे गए।