आगरा। कुदरत का कहर इंसानों पर ऐसा टूटा कि हर तरफ तबाही का मंजर था। खेरागढ़, किरावली, फतेहाबाद , एत्मादपुर, बाह , सैंया सहित कई क्षेत्रों में भीषण तबाही हुई। आपदा से 44 लोग काल के गाल में समां गए। पोस्टमार्टम हाउस पर इतनी बड़ी संख्या में आए शवों के चलते वहां जगह की कमी पड़ गई। पोस्टमार्टम हाउस में हर तरफ लाशें ही लाशें ही देखकर हर कोई सन्न रह गया।
पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे जनप्रतिनिधि, व्यक्त कीं संवदेनाएं
गुरुवार को पोस्टमार्टम हाउस पर दर्द भरी आवाजें हर किसी का सीना चीर रही थी। किसी ने बेटा खोया, किसी ने बाप। एक परिवार में चार बच्चों की मौत ने हर किसी को सन्न कर दिया। पोस्टमार्टम हाउस पर लाशों का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर भी भावुक नजर आए। संवेदनाओं को व्यक्त करने के लिए जनपद के प्रतिनिधि पहुंचे और सांत्वना प्रकट की। प्रशासनिक अधिकारियों ने हर संभव मदद का आश्वासन दिलाया। जिलाधिकारी गौरव दयाल ने मृतकों के परिजनों को चार लाख और घायलों को पचास हजार रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की। लेकिन, जिनके अपने असमय ही काल के गाल में समां गए अब उनकी भरपाई कैसे होगी। सांसद चौधरी बाबूलाल, सीएमओ डॉ.मुकेश कुमार वत्स के साथ घायलों का हाल जानने के लिए पहुंचे तो उन्होंने पोस्टमार्टम गृह पर मृतकों के परिजनों को संवेदनाएं व्यक्त कीं।
जिला प्रशासन ने दिए निर्देश
जिला अधिकारी गौरव दयाल ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अपने क्षेत्रों में हुई जनहानि, पशुहानि और धनहानि की रिपोर्ट जल्द दें। जिला प्रशासन ने अभी तक 44 मौतों की पुष्टि की है। वहीं 35 से अधिक घायल है, जिनका इलाज चल रहा है।