
tajmahal
आगरा। ताजमहल पर शाहजहां का उर्स 13 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी उर्स की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं, लेकिन इस बार लगभग 250 वर्ष पुरानी परंपरा टूटने जा रही है। ये परंपरा है दक्षिणी गेट से होकर शाहजहां के उर्स पर चढ़ने वाली सतरंगी चादर की। इस बार ये चादर इस गेट से ताजमहल में प्रवेश नहीं कर पाएगी।
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ये है कारण
ताजमहल की सुरक्षा को लेकर दक्षिणी गेट बंद कर दिया गया है। हालांकि इस गेट को उर्स के दौरान खुलवाने के लिए खुद्दाम ए रोजा कमेटी के अध्यक्ष ताहिर उद्दीन ताहिर और दक्षिणी गेट बाजार के अन्य लोग दिल्ली गए हुए हैं, लेकिन भारतीय अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. भुवन विक्रम ने साफ निर्देश दिए हैं कि उर्स पहले की तरह ही होगा, लेकिन दक्षिणी गेट से जायरीनों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। पूर्वी और पश्चिमी गेट पर जायरीनों के प्रवेश की व्यवस्था की जाएगी।
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दिल्ली में डाला ढेरा
ताजमहल दक्षिणी गेट के व्यापारियों ने दिल्ली में ढ़ेरा डाला हुआ है। खुद्दाम ए रोजा कमेटी के अध्यक्ष ताहिर उद्दीन ताहिर ने बताया कि केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा से इस मामले में बातचीत हुई है। उर्स के दौरान दक्षिणी गेट को खुलवाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि इस द्वारा से अभी ने नहीं, बल्कि करीब 250 वर्ष पहले से चादर उर्स में चढ़ने के लिए जाती है। 13 अप्रैल से उर्स शुरू हो रहा है, इससे पहले ताज दक्षिणी गेट को खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है, यदि ऐसा नहीं होता है, तो भी उर्स के लिए चादर हनुमानमंदिर से ही शुरू होगी, बस रास्ता बदल दिया जाएगा।
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Updated on:
10 Apr 2018 02:46 pm
Published on:
10 Apr 2018 02:17 pm
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