
आगरा में सस्ता प्लॉट के झांसे में आकर लोग मेहनत की गाढ़ी कमाई गवां रहे हैं। बिना मानचित्र स्वीकृति कॉलोनियों में प्लाॅट बेचे जा रहे हैं। ऐसे कॉलोनियां ध्वस्त हो गईं। अब प्लॉट खरीदार एडीए दफ्तर में चक्कर काट रहे हैं। अवैध कॉलोनी में रकम फंसाने की वजह से एडीए ने भी सहयोग से हाथ खड़े कर दिए हैं।
पिछले 6 महीने में जिले में 80 से अधिक अवैध कॉलोनियां ध्वस्त हो गईं। इसका रकबा करीब 150 हेक्टेयर था। इसमें करीब 150 से अधिक खरीदार फांस गए हैं। सस्ते प्लॉट के झांसे में आकर दलाल के चक्कर में लोग फंस रहे हैं। एडीए उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ का कहना है कि कोई भी भूमि में निवेश या प्लॉट खरीदने से पहले कॉलोनी का सत्यापन जरूर कर लें। लुभावने वादों पर न जाए। चर्चित गौड़ ने कहा कि वास्तविक तत्यों की जांच करने के बाद ही निवेश करें। उन्होंने बताया कि जिन कॉलोनियों को ध्वस्त किया है। उनमें प्लॉट खरीदने वाले स्वयं जिम्मेदार हैं। वह बिल्डर पर दावा कर सकते हैं। बिल्डर और दलाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए स्वतंत्र हैं।
नगला कली, रजरई, शमसाबाद रोड, सीकरी रोड, ग्वालियर रोड, रोहता और बिचपुरी क्षेत्र में 100 से अधिक अवैध कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं, जिनमें कुछ एडीए एप्रूव्ड हैं। एडीए की लापरवाही से एक तरफ एप्रूव्ड कॉलोनियों में बिल्डर ने सीवर, सड़क, नाली का काम नहीं कराए। दूसरी तरफ अवैध कॉलोनियों में सीवर, सड़क, नाली और पार्क जैसी सुविधाओं के लिए हजारों लोग तरस रहे हैं।
Updated on:
13 Feb 2024 05:21 pm
Published on:
13 Feb 2024 05:20 pm
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