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स्वामी प्रसाद मौर्य, आरके चौधरी के बाद बसपा का एक और विकेट गिरा

बसपा से मोह भंग होने वालों की गिनती कम होने का नाम नहीं ले रही है। बुरे वक्त में बसपा का एक और विकेट गिरा है।

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Mukesh Kumar

Jul 04, 2016

bsp leader

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आगरा।
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी का बुरा वक्त चल रहा है। पार्टी से नेताओं के जाने का सिलसिला जारी है। बसपा को अब एक और झटका लगा है। आगरा के एक बसपा नेता ने सोमवार को पार्टी छोड़ने का एलान कर दिया। उन्होंने स्थानीय नेता लॉबी पर कर्मठ बसपा कार्यकर्ताओं के साथ द्वेष भावना से कार्य करने का आरोप लगाया है।


पूर्व चेयरमैन ने छोड़ी बसपा

एत्मादपुर के पूर्व चेयरमैन विशम्भर सिंह का नाम भी बसपा छोड़ने वाले नेताओं में जुड़ गया है। उन्होंने स्थानीय नेताओं पर आरोप लगाते हुए बसपा छोड़ने का एलान कर दिया। उनका आरोप है कि बसपा के कर्मठ कार्यकर्ताओं को नकारा जा रहा है। सिर्फ नाते-रिश्तेदारों को पार्टी के बड़े पदों पर बैठाया जा रहा है।


बसपा नेताओं पर लगाया गंभीर आरोप

विशम्भर सिंह ने आरोप लगाया कि बसपा के पास २३ विजयी जिला पंचायत सदस्य थे। इसके बावजूद जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव नहीं लड़ाया गया, क्योंकि पार्टी के प्रमुख नेता पार्टी के २३ सदस्यों को सत्तारूढ़ सपा को बेच चुके थे।


पार्टी के फैसलों से नाखुश थे विशम्भर

उन्होंने बसपा नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि आखिर क्यों पूर्व मंत्री नारयण सिंह सुमन, पूर्व एमएलसी वीरू सुमन, धर्म भारतीय, जुल्फिकार अहमद भुट्टो और चौधरी बशीर जैसे जनाधार वाले नेताओं को पार्टी से बाहर किया गया। पार्टी ऐसे नेताओं को निकालकर क्या संदेश देना चाहती है।

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