
आगरा। शहर में अपराध का ग्राफ इस साल तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2017 में लूट, डकैती और अपहरण के मामलों में काफी इजाफा हुआ है। ऐसा नहीं है, कि अपराध रोकने के लिए पुलिस ने कुछ नहीं किया। पुलिस के बहुत से प्लान इस बीच आते रहे, लेकिन बेखौफ अपराधियों पर लगाम न लग सकी।
बाइकर्स गैंग बड़ी चुनौती
पुलिस के लिए बाइकर्स गैंग सबसे बड़ी चुनौती है। लूट की वर्ष 2017 में 158 वारदातें पुलिस रिकार्ड में दर्ज हैं, ये हाल तब है जब पुलिस चेन और पर्स लूट की घटनाओं को तो छिनैती में दर्ज करती है। इनमें भी आधी से ज्यादा का तो खुलासा ही नहीं हो पाया।
व्यापारी रहे निशाने पर
शहर के व्यापारी बदमाशों के निशाने पर रहे। कई मामले सामने आए, जिनमें सर्राफा व्यवसायियों के साथ लूट की घटनाएं हुईं। हत्या के मामले भी आगरा कमें कम नहीं रहे। वर्ष 2017 पुलिस के लिए आफत भरा रहा।
मामले 2017 2016 2015
हत्या 113 126 124
सदोष मानव वध 35 30 40
हत्या का प्रयास 138 180 160
बलवा 350 368 408
अपहरण 6 1 7
डकैती 7 2 3
लूट 158 124 135
वाहन चोरी 2002 2024 2043
मामले 2017 2016 2015
बलात्कार 76 79 56
अपहरण 482 353 325
दहेज हत्या 75 82 73
एक्सीडेंट कम, पर जानें गईं ज्यादा
वहीं सड़क हादसों की बात करें, तो इस वर्ष हादसे तो कम हुए, लेकिन हादसों में जानें अधिक गईं। आगरा में साल 2016 में 1062 हादसों में 522 की जान चली गई, जबकि इस साल एक हजार से ज्यादा हादसों में 530 की मौत हो गई। वहीं 900 से ज्यादा लोग घायल हुए।
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Published on:
25 Dec 2017 12:41 pm
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