
चप्पल और थप्पड़ मारकर बच्चे का इलाज करते ग्रामीण
AGRA NEWS: ' लातों के भूत बातों से नहीं मानते ' हालांकि इस कहावत का इस खबर से कोई मेलजोल नहीं बैठता पर आगरा में हुई घटना को पढ़कर आपको यह कहावत याद आ सकती है।
दो बच्चों को लगा था बिजली के खंभे से करंट
आगरा के बाह तहसील के ब्लॉक पिनाहट क्षेत्र के अंतर्गत गांव करकौली पुरा में गांव के बीच विद्युत पोल पर ट्रांसफार्मर रखा है। जिससे गांव के घरों में विद्युत सप्लाई होती है। विद्युत पोल पर विद्युत तारों का मकड़जाल बना हुआ है। शनिवार को बारिश के बाद विद्युत पोल में अचानक विद्युत करंट दौड़ने लगा। इस दौरान पास में ही खेल रहे बच्चे कौशल पुत्र रामज्ञान उम्र करीब 8 वर्ष, एवं खुशबू पुत्री कालीचरण उम्र करीब 10 वर्ष को विद्युत पोल से अचानक तेज करंट लग गया। करंट लगने से दोनों बच्चे बेहोश होकर गिर पड़े। बच्चों को गिरा देख परिजनों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
दिया चप्पल से पिटाई का इलाज
ग्रामीण महिलाओं द्वारा तत्काल बच्चों को चारपाई पर लेटा कर हाथ पैरों की मालिश कर शरीर की चप्पलों और थप्पड़ों से जमकर ठुकाई की गई। पिटाई के बाद बच्चों को होश आ गया। गंभीर स्थिति होने पर दोनों बच्चों को परिजनों द्वारा निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया। जहां उनका उपचार जारी बताया गया है। ग्रामीणों की माने तो विद्युत पोल पर तारों का मकड़जाल बना हुआ है। विद्युत पोल और स्टिक में करंट दौड़ने से हादसा हुआ है। जिसे जल्द ठीक कराया जाए अन्य हादसे में भी इनकार नहीं किया जा सकता।
क्यों फायदा किया चप्पलों का इलाज
चिकित्सकों के अनुसार कई बार अचानक शॉक लगने से हार्ट बीट रुक जाती है, ऐसे में सही समय पर से सीपीआर देने से कई बार हार्ट दोबारा काम करना शुरू कर देता है। महिलाओं द्वारा बच्चों की मालिश और पिटाई से भी कुछ ऐसा ही हुआ होगा। हालांकि वैसे सीपीआर की एक विशेष प्रक्रिया होती है।
Published on:
27 May 2023 09:28 pm
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