
Agra News:आगरा जलकल विभाग के बाबू हर्षित शर्मा और उसकी ठग मां की ठगी का एक और कारनामा सामने आया है। इस बार नौकरी के नाम पर पैसे लेने के बाद आरोपी ने युवक से नौकरी करवाई और अपने पास से छः माह तक तनख्वाह देता रहा। तनख्वाह देना बंद करने पर जब पीड़ित ने पता किया तो उसे फर्जी नियुक्ति की जानकारी हुई, इसके बाद कार्रवाई से बचने को आरोपी ने आगे की तारीख में पैसे निकालने की बात कह चेक दिया और तारीख से पहले ही खाता बंद कर फरार हो गया। पीड़ित की गुहार पर न्यायालय के आदेश पर आरोपी मां बेटे पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
एक ही पैटर्न पर करता था ठगी
बता दें की रकाबगंज थाना क्षेत्र के बालूगंज निवासी हर्षित शर्मा की कुछ वर्ष पिता स्व अशोक शर्मा के स्थान पर मृतक आश्रित कोटे में जलकल विभाग में नौकरी लगी थी। आम तौर पर सरकारी नौकरी लगने के बाद व्यक्ति लाइफ को सेटल होने की बात कहता है पर हर्षित शर्मा के ख्वाब बहुत ऊंचे थे, वो कम समय में मोटा पैसा कमाना चाहता था। इसके लिए उसने अपनी मां के साथ मिलकर लोगों को नौकरी के नाम पर ठगना शुरू कर दिया। हर बार उसका पैटर्न एक ही जैसा होता था। वो विभाग में मृतक आश्रित कोटे में नौकरियां होने की बात कहकर लोगों को बातों में फंसाता था और इस काम में उसकी मां शशि शर्मा बराबर साथ देती थी और कुछ मामलों में वो पत्नी और अपने दोस्त को भी शामिल करता था। लोगों से अपने और मां के खातों में पैसा डलवाने के बाद उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र देता था और फिर विभाग में अपनी पकड़ के जरिए उन्हें फर्जी नौकरी करवाता था। शक न हो इसलिए उन्हें कुछ माह तक वेतन भी देता था और फिर अचानक वेतन देना बंद करता था और बहाने बनाकर टहलाता रहता था। पीड़ित को सच्चाई पता चलने पर बात बढ़ती देख वो उन्हें चेक देकर कुछ समय बाद पैसा निकालने को कहता था और उससे पहले खाता बंद कर देता था। मामला पुराना हो जाने के चलते पुलिस भी मुकदमा दर्ज करने से कतराती थी।
आठ लाख में लगवाई फर्जी नौकरी
आरोपी हर्षित शर्मा के ऊपर इस माह थाना सदर में चार लोगों से 48 लाख ठगने का मुकदमा दर्ज हुआ है और रकाबगंज थाने में एक युवक से 12 लाख ठगने का मुकदमा दर्ज हुआ है। शुक्रवार को न्यायालय के आदेश पर युधिष्ठिर सिंह ने अपने बेटे पियूष सिंह की नौकरी लगाने के नाम पर आठ लाख ठगने का मामला न्यायालय के आदेश पर दर्ज कराया है। युधिष्ठिर ने बताया है कि हर्षित ने अपनी मां के खाते में और नकद मिलाकरआठ लाख रुपए लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर बेटे पियूष को जलकल विभाग में फर्जी नौकरी करवाई और मार्च 2021 से सितंबर तक उसके खाते में तनख्वाह के पैसे डालता रहा। तनख्वाह आना बंद होने पर बजट की कमी का हवाला दिया। जांच करने पर नियुक्ति फर्जी होने का पता चला तो आरोपी ने आठ लाख की चेक देकर 16 दिसंबर 2022 के बाद चेक लगाकर पैसे निकालने को कहा। जब पीड़ित ने चेक लगाया तो पता चला की आरोपी खाता पहले ही बंद कर चुका है। इसके बाद से वो घर पर ताला डालकर परिवार समेत फरार है। जिन अधिकारियों का वो नाम लेता था वो सब ट्रांसफर लेकर निकल चुके हैं। पुलिस द्वारा सुनवाई न करने पर न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। न्यायालय के आदेश पर थाना रकाबगंज में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
विभाग में बोलती थी तूती
नाम न छपने की शर्त पर जलकल विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि आरोपी हर्षित नौकरी पर आते ही तत्कालीन जीएम और एक जेई का खास हो गया था। उसकी बात को मना करने की किसी कर्मचारी की हिम्मत नहीं होती थी। वो लक्जरी लाइफ जीता था और उसका रहन सहन देखकर लोग उसकी काली कमाई का अंदाजा लगाने के बाद भी कुछ बोलने से डरते थे।
Published on:
29 Jul 2023 10:32 am
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