
थाना सिकंदरा पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया है
आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाइवे 2 पर एक नामी अस्पताल के सामने संचालित डायग्नोस्टिक सेंटर में धोखाधड़ी करने और भ्रूण परीक्षण का आरोप सेंटर चलाने वाले डाक्टर ने लगाया है। डाक्टर का आरोप है की पत्नी और उसे गलत दस्तावेज दिखाकर कंपनी में कोई हिस्सेदारी नहीं दी गई और विरोध पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। आरोपी पूर्व में एक दिन दहाड़े हत्या और कई अन्य अपराधिक मामलों में संलिप्त हैं और उसकी हत्या करवा सकते हैं।
न्यायालय के आदेश पर हुआ मुकदमा
लायर्स कालोनी निवासी डाक्टर अंकुश श्रीवास्तव ने न्यायालय के माध्यम से थाना सिकंदरा में राजकुमार उपाध्याय,उनकी पत्नी मालती शर्मा, पुत्र सचिन उपाध्याय पर मुकदमा दर्ज कराया है। डॉक्टर अंकुश का कहना है की आरोपी उनसे नामी बिल्डर के रूप में मिले थे। आरोपियों ने उनकी पत्नी प्रियंका श्रीवास्तव को झांसे में लेकर अपनी संपत्ति पर डायग्नोस्टिक सेंटर खोलने का प्रलोभन दिया। 70 प्रतिशत भागीदारी पत्नी की होना तय करके नई कंपनी एलिमेंट्स डायग्नोस्टिक खोलने की बात तय हुई। आरोपियों ने कागजों के नाम पर 5 लाख नकद ले लिए और अपनी एक कंपनी का नाम बदलकर बिना मालिकाना हक में तब्दीली करे शुरू कर दी।
लोन नहीं हुआ तो बनाए नए पार्टनर
पीड़ित ने बताया की आरोपी पहले से बैंक डिफॉल्टर थे। अल्ट्रासाउंड और अन्य मशीनें खरीदने के लिए लोन लेने में जब उनकी पत्नी मालती के कागज काम नहीं आए तो आरोपियों ने अपनी पत्नी मालती शर्मा का डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दिखाकर दो डाक्टरों को 25 प्रतिशत का पार्टनर बना लिया।
पैदा होने से पहले बच्चों के जेंडर परीक्षण और भ्रूण हत्या का लगाया आरोप
पीड़ित डाक्टर अंकुश ने बताया की जब फर्जीवाड़े को लेकर आरोपियों से बात की तो उन्होंने काफी दिन टालमटोल किया और बिना उनकी अनुमति के अल्ट्रासाउंड मशीन ले आए और उसका दुरुपयोग गर्भ परीक्षण के लिए करने लगे। आरोपियों ने सेंटर का सारा पैसा कैश में लेकर अपने पास रखना शुरू कर दिया। आरोपियों का विरोध करने पर उन्होंने कुछ गुंडों के साथ हॉस्पिटल के बाहर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
पूर्व में हत्या समेत कई अपराध कर चुके हैं आरोपी
पीड़ित डाक्टर ने बताया की आरोपी पहले भी इस तरह की कई धोखाधड़ी, जमीन हड़पने और पूर्व में एक दिन दहाड़े हत्या के आरोप में नामजद हो चुके हैं। पीड़ित की थाना पुलिस द्वारा सुनवाई न होने पर उसने न्यायालय की शरण ली। सभी दस्तावेज देखने के बाद मामले को सुनवाई योग्य मानते हुए न्यायालय ने थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। थाना पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कर रही है ।
Published on:
21 Apr 2023 05:43 pm
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