
Air Pollution
आगरा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश दिवाली की रात लोगों ने पटाखों के धमाके के साथ हवा में उड़ा दिए। जिला प्रशासन द्वारा रात आठ से 10 बजे तक आतिशबाजी की अनुमति दी, लेकिन इसका पालन नहीं हो पाया। रात 12 बजे के बाद भी ताजनगरी पटाखों की धमक से गूंजती रही।
दो घंटे की थी इजाजत
सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर रात आठ से 10 बजे के बीच ही फटाखे फोड़ने की इजाजत दी थी। इससे पहले कोर्ट ने सिर्फ ‘ग्रीन पटाखों’ के निर्माण और बिक्री की इजाजत दी थी, क्योंकि ग्रीन पटाखों से कम प्रकाश और आवाज निकलती है और इसमें कम हांनिकारक केमिकल होते हैं।
कुछ इलाकों में दिखा असर
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का असर आगरा के कुछ इलाकों में बेहद मामूली दिखाई दिया, लेकिन घनी बस्तियों में जमकर नियम टूटे। हालांकि प्रशासन द्वारा दिवाली की रात आतिशबाजी को कंट्रोल करने के लिए बड़ी प्लानिंग की गई थी, लेकिन ये प्लानिंग धरी की धरी रह गई।
आसमान में छाई धुंध
दिवाली की शाम से ही पटाखे चलना शुरू हो गए। रात 10 बजे के बाद आसमान में धंधु छा गई। ताजनगरी की बात करें, तो रात में सड़कों पर भी धुंध इस कदर छाई हुई थी, कि मानो सड़कों को कोहरे ने अपने आगोस में ले लिया है।
Updated on:
08 Nov 2018 08:43 am
Published on:
08 Nov 2018 08:43 am
