
राधा स्वामी सत्संग सभा ने याचिका दायर की थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम ने आदेश् दिया। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया गया है। इस पर कार्रवाई की गई। याची ने कोर्ट में कहा कि प्रशासन जिस जमीन को जबरन खाली करा रहा है, जबकि वह सत्संग सभा के नाम से ही है।
यानी ने कहा-प्रशासन ने मनमाने तरीके से बुलडोजर चलाया
याची ने आगे कहा कि प्रशासन मनमाने तरीके से बुलडोजर चलाया। सत्संगियों पर लाठी जार्च भी किया। राधा स्वामी सत्संग सभा ने याचिका के साथ 1935 से 2012 तक हुए सभी एग्रीमेंट, लीज डीड और आदेशों की कॉपी लगाई गई। साथ ही 19 सितंबर को तहसीलदार के नोटिस का जबाब और संबंधित भूखंडों के राजस्व रिकॉर्ड भी याचिका में संलग्न किए गए हैं। सरकार की ओर से भी खसरा खतौनी के अलावा अन्य राजस्व रिकॉर्ड और दो दर्जन से ज्यादा पेजों का जवाब, पुलिस के साथ हुई मारपीट के फोटोग्राफ भी लगाए गए हैं।
Published on:
17 Oct 2023 04:33 pm
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