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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा ने आंबेडकर जयंती पर खंदारी परिसर स्थिति जेपी सभागार में संगोष्ठी की। मुख्य वक्ता के रूप में आए वरिष्ठ पत्रकार और डॉ. आंबेडकर पर विशेष अध्ययन करने वाले चन्द्रप्रकाश झा ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। वे अपने थैले में डॉ. अंबेडकर की दो पुस्तकें सदैव साथ रखते हैं। उन्होंने पत्रिका को बताया कि यह लोगों को पता नहीं है कि 121 देशों में डॉ. अंबेडकर की जयंती मनाई जा रही है। आइए जानते हैं उन्होंने और क्या-क्या जानकारी दी-
1.आंबेडकर जैसा पढ़ाकू व्यक्ति दुनिया में नहीं है। वे लाइब्रेरी खुलने से पहले पहुंच जाते थे और बंद होने के बाद निकलते थे। उनके जेबों में पर्चियां ही पर्चियां होती थीं, जिन्हें आज नोट्स कहा जाता है।
2.डॉ. आंबेडकर ने डॉक्टर ऑफ साइंस किया। इसका विषय था- भारतीय रुपया (अर्थशास्त्र)। लंदन स्कूल ऑफ इकोनोमिक्स से डिग्री हासिल की थी।
3.वे जीनियस थे। दुनिया में अगर दो जीनियस के नाम लें तो एक अलबर्ट आइंस्टीन और दूसरे डॉ. आंबेडकर हैं।
3.नेल्सन मंडेला ने कहा था कि भारत से अगर कुछ लेना है तो डॉ. भीमराव आंबेडकर को लें।
4.अर्थशास्त्र के अध्ययन में वे हमारे बाप थे।
5.डॉ. आंबेडकर ने अंतिम भाषण काठमांडू में द्वितीय बौद्ध सम्मेलन में दिया था। उसकी प्रमाणित प्रति अभी तक नहीं मिली है। मैं उसकी तलाश कर रहा हूं।
6.नेपाल का जो संविधान बना है, वह भारत में डॉ. आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को देखकर बनाया है। ये बात बहुत कम लोगों को मालूम है।
7. डॉ. आंबेडकर ने दूसरी शादी की। वह डॉक्टरेट थीं। उन्होंने डॉ. अंबेडकर को बचाए रखने के लिए सेवा की।
8.डॉ. आंबेडकर ने लिखा है बौद्ध धम्म, बौद्ध धर्म नहीं। धम्म में मानवीयता है।
9. 121 देशों में डॉ. आंबेडकर की जयंती मनाई जा रही है। यह बात अखबारों में कहीं नहीं आई है।
10. दुख की बात है तो आंबेडकर को दलितों को खांचे में डाल दिया। वे पूरे भारत के हैं, पूरे विश्व के हैं।
Updated on:
14 Apr 2018 01:48 pm
Published on:
14 Apr 2018 01:46 pm
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