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36 गुण मिल जाएं तो शादी करें या नहीं, देखें वीडियो

प्रसिद्ध ज्योतिषविद उषा पारीक से जानते हैं कि मंगली होने पर विवाह हो सकता है या नहीं। शादी से पूर्व कुंडली मिलाएं या नहीं?

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Dhirendra yadav

Jul 26, 2017

Astrology Horoscope and marriage

Astrology Horoscope and marriage

आगरा। ज्योतिषविद उषा पारीक ने विवाह से पूर्व कुंडली मिलान और गुण मिलान पर बड़ी जानकारी दी है। उनका कहना है कि विवाह पूर्व कुंडली मिलाने का महत्व है, लेकिन 36 गुण मिलते हैं, तो शादी नहीं करना चाहिए। इसका उन्होंने करण भी बताया। बता दें कि उषा पारीक ने ज्योतिष को व्यवसाय नहीं बनाया है। वे ज्योतिषीय राय निःशुल्क देती हैं। वे ज्योतिष को साइंस और चमत्कारी विद्या मानती हैं।
शादी के जोड़े भगवान बनाता है
ज्योतिष और शादी के संबंध में पूछे जान पर उन्होंने कहा- ये तो भगवान के जोड़े बनाए होते हैं, ये पक्की बात है। हम लोगों के पास ऐसे लोग आते हैं, जिनके गुण, गण, नाड़ी मिलती है। ज्योतिष में इसका महत्व है। यही प्रणाम है कि भगवान ने उन्हें एकदूसरे के साथ शादी के लिए बनाया है।
मंगली को भय बनाया
शादी के संबंध में मांगलिक योग यानी मंगली लड़का या लड़की को भय बना दिया है। कहा जाता है कि लड़का या लड़की मंगली है और गैर मंगली से शादी हो गई तो मृत्यु हो जाएगी। ऐसा नहीं है। मंगली अगर लड़की है, तो उसके लिए मंगली वर देखना चाहिए। लड़का हल्का मंगली है या मंगल के गुण कम हैं, तो उसकी शादी उस लड़की से कर सकते हैं, जो मंगली नहीं है।
मंगली और गैर मंगली होने पर उपाय
उन्होंने कहा- प्रेम जाति या कुंडली मिलाकर नहीं होता है। बाद में हम देखते हैं कि लड़की मंगली है और कहती है कि मरना पसंद करूंगी, लेकिन शादी उसी से करूंगी। ऐसी स्थिति में घट विवाह (घड़े से विवाह), वट विवाह (पेड़ से विवाह), शालिग्राम विवाह (शालिग्राम से विवाह) करा देना चाहिए। इससे दोष खत्म नहीं होंगे, लेकिन हल्कापन आ जाएगा। अगर लड़की मंगली है और लड़का मंगली नहीं है और शादी करनी है तो घट विवाह कराने के बाद लड़के को बड़ा मूंगा पहना देते हैं, ताकि मंगल पावरपुल हो जाए। फिर मांगलिक दोष में बड़ी समस्या नहीं आएगी। कोशिश हो कि मंगली का मंगली से विवाह हो।
18 गुण मिलने पर शादी कर लें
शादी कितने गुण मिल जाने पर कर लेनी चाहिए? सवाल पर उषा पारीक ने कहा कि कहा- 18 गुण मिलने पर शादी कर लेनी चाहिए। मैंने देखा है कि 32 गुण मिल रहे हैं, लेकिन लड़की मंगली है और लड़का नहीं है, तो हम शादी से मना कर रहे हैं। फिर वे 32 गुण बेकार हैं, क्योंकि ये गुण दब जाएंगे। राम और सीता के 36 गुण मिले थे। गुरु वशिष्ठ और साक्षात बृहस्पति ने कुंडली मिलाई थी। 36 गुण मिलने पर 36 का ही आंकड़ा रहा और सीताजी ने कभी सुख नहीं भोगा, जबकि वे साक्षात भगवान के साथ आईं लक्ष्मी थीं। वे राजा की बेटी थीं। पति सुख नहीं भोगा। राज परिवार का सुख नहीं मिला।
विश्वास की बात है
इसका मतलब है कि गुण मिलाने का कोई महत्व नहीं है? सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर आप विश्वास करते हैं तो गुण मिलाइए, नहीं करते हैं तो मत मिलाइए। विदेश में गुण नहीं मिलाते हैं, क्योंकि वे कुंडली में विश्वास नहीं करते हैं। मुस्लिम नहीं जानते हैं। विदेश में पति-पत्नी कितने दिन साथ रहते हैं। उनके लिए विवाह समझौता है, जीवनभर का मिलान नहीं है। हमारे यहां तो जीवनभर का मिलान है।
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