आगरा। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। उनके पैतृक गांव बटेश्वर में उनके परिजन व रिश्तेदार रहते हैं, उनके निधन का समाचार सुनकर सभी को गहरा आघात पहुंचा है। अटल जी का बटेश्वर में करीब 20 कमरों का आवास था, जो अब एक खंडहर के रूप में तब्दील हो चुका है। इस आवास के अवशेष ही बचे हैं।
इन गलियों में बीता बचपन
अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म बटेश्वर के मूल निवासी पण्डित कृष्ण बिहारी वाजपेयी के घर में हुआ था। पण्डित कृष्ण बिहारी वाजपेयी मध्य प्रदेश की ग्वालियर रियासत में अध्यापक थे। अटल जी का बचपन गांव की गलियों में बीता। गांव में उनके कई चर्चित किस्से हैं। बटेश्वर गांव अटल जी की कई यादों को समेटे हुए है, लेकिन आज ये गलियां वीरान पड़ी हुई हैं। जहां अटल जी का आवास हुआ करता था, उस तरफ तो कोई जाता ही नहीं है। गांव के अंतिम छोर पर अटल जी का आवास था। वर्तमान समय में इस आवास के जहां अवशेष हैं, उसके बगल में ही उनके भतीजे रमेश चंद वाजपेयी का आवास है।
नहीं हो सका वो विकास
गांव के लोग बताते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का यह गांव जरूरी है, लेकिन इस गांव का विकास आज तक नहीं हो सका। यहां की सड़कें, सुविधायें आम गांवों की तरह ही हैं। इसका कारण क्या है वे भी नहीं समझ पा रहे हैं।