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अमन कायम रखने के लिए बारावफात पर मुस्लिमों का बड़ा फैसला

-बारावफात के दो बड़े जुलूस नहीं निकाले जाएंगे -असामाजिक तत्व कर सकते हैं माहौल खराब -इन जुलूसों के माध्यम से होता है शक्ति प्रदर्शन

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Juloos e Muhammadi

जुलूस ए मुहम्मदी

आगरा। बारावफात 2019 (Barawafat Festival 2019) को मीलाद उन नबी भी कहा जाता है। यह त्योहार 10 नवंबर रविवार यानी आज मनाया जाएगा। आगरा में बारावफात पर मुस्लिम नेताओं ने जुलूस को लेकर शक्ति प्रदर्शन होता है। आयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शहर में अमन चैन कायम है। इस दिशा में एक कदम और आगे बढ़ते हुए मुस्लिम संगठनों ने फैसला किया है कि वाराफात के जुलूस नहीं निकाले जाएंगे। मुस्लिम संगठनों को आशंका है कोई उपद्रवी तत्व जुलूस की आड़ में माहौल खराब कर सकता है और दोष उन पर आ जाएगा।

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करते हैं शक्ति प्रदर्शन

बारावफात पर आगरा में दो स्थानों से मुख्य जुलूस निकलते हैं। न्यू आगरा करबला और शाही जामा मस्जिद से। अन्य छोटे-छोटे जुलूस इन्हीं दो जुलूसों में आकर शामिल हो जाते हैं और कारवां बन जाता है। मुस्लिम नेता इन जुलूसों के माध्यम से अपनी शक्ति का भी प्रदर्शन करते हैं। जुलूस में शारीरिक बल का भी प्रदर्शन किया जाता है। उत्तर प्रदेश सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष बिलाल कुरैशी ने बताया कि इस बार शाही जामा मस्जिद से बारावफात का जुलूस नहीं निकाला जाएगा। पूरे शहर में घरों पर रोशनी, कुरान ख्वानी, मीलाद शरीफ और लंगर के कार्यक्रम होंगे।

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जोहर की नमाज

उत्तर प्रदेश सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी के प्रवक्ता अदनान कुरैशी का कहना है कि शाही जामा मस्जिद में जोहर की नमाम दोपहर 1.30 बजे होगी। इसमें अमन चैन की दुआ मांगी जाएगी। जोहर की नमाज के बाद ही बारावफात के जुलूस निकाले जाते थे, जो इस पर स्थगित कर दिए गए हैं।

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चादरपोशी करेंगे

कांग्रेस नेता हाजी अबरार हुसैन के नेतृत्व में न्यू आगरा करबला से जुलूस निकाला जाता है। उन्होंने भी जुलूस न निकाले जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि न्यू आगरा करबला से अबु उलाह की दरगाह तक चादरपोशी करने जाएंगे।

दो जुलूस निकाले जाएंगे

ऑल इंडिया मुस्लिम इत्तेहाद कमेटी के जिलाध्यक्ष निसार अहमद ने बताया कि रुई की मंडी, शाहगंज से बारावफात का परंपरागत जुलूस निकाला जाएगा। इसका समय अपराह्न एक बजे तय किया गया है। छीपीटोला स्थिति हन्नी गली से भी जुलूस निकाला जाएगा। ये जुलूस दरगाह नवी करीम, बोदला पर समाप्त होंगे।