
Bhagwat katha
आगरा। अलबतिया रोड बालाजीपुरम् स्थित चिरंजीव सेवा सदन में श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन स्वामी श्रीराम प्रपन्नाचार्य महाराज ने तृतीय स्कन्ध के अंतर्गत सृजन लीला, बराह भगवान एवं पृथ्वी की उत्पत्ति, ऋषि अत्रि, मैत्री ऋषि, सती एवं नरसिंह भगवान की कथा की अमृत वर्षा की। उन्होंने कहा छल-कपट मिटाने हैं तो सत्संग और भजन में जाओ। सद्गुरु भोग से जोग की ओर ले जाते हैं। संत की निन्दा करने वाला उल्लू होता है।
दूरदर्शन से नहीं होगा कल्याण
स्वामी श्रीराम प्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि आज व्यक्ति पशु-पक्षियों से भी निकृष्ट हो गया है। अबोध बालकों पर अपराध हो रहे हैं। हमारी संस्कृति पशु और पक्षियों से भी प्रेम करती है। लोग दुःख निवारण शिविरों में जा रहे हैं, लेकिन शांति नहीं मिल रही। अगर शांति चाहते हो तो सत्संग के शिविरों में जाएं। कल्याण चाहते हो तो हरिदर्शन जरूरी है। दूरदर्शन से कल्याण होने वाला नहीं है।
सुखी जीवन के लिए गौपूजा करो
उन्होंने कहा कि बहू-बेटे और पड़ोसी से अगर कष्ट है तो दूर रहकर कष्ट दूर कर सकते हैं, लेकिन आत्मा और शरीर का कष्ट दूर करना है तो सत्संग में जाओ, कचहरी में नहीं। सुखी व पवित्र जीवन चाहते हो तो गौपूजा करो। गाय घर में पालोगे तो शुद्ध दूध और घी मिलेगा। सात्विक जीवन होगा। ऐसी करनी करो कि अंत समय में हरि नाम का उच्चारण निकले। आज न जाने क्या हो रहा है मोम के पैर लिए लोग अंगारों पर चल रहे हैं। माता-पिता की सेवा से बढ़कर कोई तीर्थ नहीं है।
कथाओं का सुंदर वर्णन
उद्धव, मनू सतरूपा, कपिल मुनि ध्रुव आदि की कथाओं का भी सुन्दर वर्णन किया। आज के यजमान रमेश चन्द्र शर्मा दूरा वाले थे। आरती करने वालों में रघुवीर दीक्षित, महावीर चाहर, मुन्ना लाल कुलश्रेष्ठ, भारतीय जनता पार्टी के नेता केके भारद्वाज, चौधरी हरेन्द्र सिंह आदि प्रमुख रहे ।
Published on:
29 Sept 2017 04:57 pm
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