भारत बंद का असर: भाजपा सरकार के लिए और बढ़ीं मुश्किलें, अब दो अक्टूबर की तैयारी

भारत बंद का असर: भाजपा सरकार के लिए और बढ़ीं मुश्किलें, अब दो अक्टूबर की तैयारी

Abhishek Saxena | Publish: Sep, 06 2018 06:35:18 PM (IST) | Updated: Sep, 06 2018 09:10:46 PM (IST) Agra, Agra, Uttar Pradesh, India

भारत बंद: एक हजार करोड़ का नुकसान लेकिन, 2019 के लिए सरकार को अल्टीमेटम, सर्व समाज ने बताया भारत बंद को सफल, अधिवक्ताओं का भी मिला संमर्थन, सर्व समाज संघर्ष समिति ने शहर भर के बाजारों में प्रदर्शन कर की नारेबाजी

आगरा। एससीएसटी एक्ट के विरोध में सर्व समाज संघर्ष समिति ने पूरे शहर में घूमघूम कर अर्घ नग्न अवस्था में भारत बंद के तहत प्रदर्शन किया। खुली दुकानों सहित बिग बाजार को बंद कराया। समिति के सैकड़ों सदस्य सुबह से ही विनय अग्रवाल व मुरारीलाल गोयल ने नेतृत्व में शहर की सड़कों पर निकल गए। काले कानून (एससीएसटी एक्ट) के खिलाफ नारेबाजी की। एक्ट के विरोध में स्वेच्छा से लोगों ने पहले ही अपने प्रतिष्ठान बंद किए हुए थे। जो छिपपुट दुकानें खुली थी उन्हें प्रदर्शनकारियों ने आग्रह कर बंद कराया।

 

यहां से कराया बाजार बंद

भारत बंद के लिए सर्व समाज का काफिला दुकानों को बंद कराना सिकंदरा से शुरू किया गया। जो बोदला, लोहामंडी, जयपुर हाउस, शाहगंज, तोता का ताल, मदिया कटरा होते हुए भगवान सिनेमा पहुंचा। वहां से एमजी रोड होते हुए जुलूस दीवानी पहुंचा। अधिवक्तों से काम बंद रखने का आग्रह किया जिस पर अधिवक्ताओं ने भी सहयोग किया और दीवानी को बंद कराया। दीवानी चौराहे पर भारत माता की प्रतिमा को नमन कर जुलूस आगे बढ़ा। इसके बाद लगभग दोपहर 2 बजे बिग बाजार को बंद कराया गया। बाग फरजाना में वर्मा मेडिकल स्टोर को बंद कराया। शहीद स्मारक पर शहीदों को नमन कर नूरी दरवाजा स्थित शहीद भगत सिंह तिराहे पर पहुंचे। वहां सर्व समाज संघर्ष समिति के संयोजक डॉ. सुमन्त गुप्ता ने सभा को संबोधित किया। सांसद बाबूलाल के कथन को याद दिलाते हुए कहा कि सांसद ने कहा था सड़कों पर निकलिए। ऐसी सुनवाई नहीं होगी। हमने इस चुनौती को स्वीकार किया। सांसद जी की आत्मा जिंदा है तो सांसद की कुर्सी छोड़कर घर बैठ जाना चाहिए। आगरा ने एससीएसटी एक्ट के विरोध में जो बिगुल बजाया है उसमें सफलता अवश्य मिलेगी। एक्ट में बदलाव नहीं हुआ तो सरकार भी दोबारा नहीं आएगी। 2019 में हम उन सभी सांसदों को सजा देंगे जिन्होंने आंखों पर पट्टी बांधकर इस एक्ट को पास कराया । वह भी गुनाहगार हैं जो समर्थन कर रहे हैं।

 

हर जनपद में होगा धरना प्रदर्शन

हर जनपद में धरना प्ररर्शन होगा। हर जनपद में समिति का गठन किया जाएगा। 30 सितम्बर को आगरा में राष्ट्रीय अधिवेशन होगा। जिसमें सभी शामिल होंगे। दो अक्टूबर को पदयात्रा होगी। सभी को बधाई दी। सभा में मुख्य रूप से रवि प्रकाश अग्रवाल, मुरारीलाल अग्रवाल, देवेश शुक्ला, अखिल बंसल, विनोद अग्रवाल, चेतन वर्मा (कुशवाह) अशोक तौमर, शैलू अग्रवाल, अमित बंसल, अजय अग्रवाल, प्रवीण जैन, संजीव सिंह, संजय अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, कौशल अग्रवाल, संजय गर्ग, विजय सिंघल, राजीव गर्ग, विनय पोरवाल, सुरेन्द्र शर्मा, राकेश शर्मा, पवन समाधिया, अरविंद पचौरी, अतुल सिरोही, अजय तिवारी, सौरभ शर्मा, सुरेश चंद शर्मा, अनुपम शर्मा, राघवेन्द्र शर्मा, राजीव चौहान, संतोष अग्रवाल, बृजमोहन, विजय, मुकेश अग्रवाल, मदन गुप्ता, अमित जैन, अमरदीप गुप्ता, नमन माहेश्वरी, अश्वनि गुप्ता, किशनचंद अग्रवाल, सर्वेश शर्मा, निर्देश खंडेलवाल, पंकज गुप्ता, राकेश गोयल, विष्णु अग्रवाल, संजीव अग्रवाल, विक्की अग्रवाल, वाहिद खान, मुनाना खान आदि मौजूद थे।

शहीद स्मारक पर पहुंचे लोग
कायस्थ समाज ने शहीद स्मारक पर एकत्रित होकर संजय प्लेस में दुकानों को बन्द कराकर भाजपा सरकार द्वारा एसससी एससी एक्ट में किये गए प्रावधानों के विरुद्ध प्रदर्शन में भाग लिया। समाज के लोगों ने कहा कि सवर्ण समाज का उत्पीड़न होना अवश्य सम्भावी है। ऐसे काले कानून के विरुद्ध इस बन्द का आयोजन किया गया था। उक्त बंद के समर्थन में कायस्थ समाज के पदाधिकारियों व अन्य समाज के लोगों के लोगो ने भाग लिया। राजीव सक्सेना, रमेश श्रीवास्तव, संजीव श्रीवास्तव, नितिन जौहरी, आरपी सक्सेना, दीपक सक्सेना, सुरेंद्र कुलश्रेष्ठ, राकेश तवकले, पंकज श्रीवास्तव, प्रवेश सक्सेना, विशाल रायजादा, संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट आदि मौजूद रहे।

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