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केंद्र सरकार की इस नीति के चलते अब 28 सितम्बर को होगा भारत बंद

केंद्र सरकार की ई फार्मेसी को लेकर विरोध तेज, 28 सितम्बर को होगा महाबंद

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आगरा

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Abhishek Saxena

Sep 11, 2018

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भारत बंद लाइव: इस शहर में कुछ ऐसा है बंद का असर

आगरा। एक बार फिर से भारत बंद के लिए तैयार हो जाएं। इस बार दवा कारोबारियों ने भारत बंद का ऐलान किया है। केंद्र सरकार की ई-फार्मेसी को लेकर अधिसूचना का थोक व फुटकर व्यापारी विरोध कर रहे हैं। देशभर के दवा विक्रेताओं ने बीस से 27 सितम्बर तक काली पट्टी बांध कर काम करने और 28 सितम्बर को महाबंद आयोजित करते हुए समस्त कारोबार बंद रखने का ऐलान कर दिया गया है।

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दवा कारोबारियों ने जताया कड़ा विरोध
उत्तर प्रदेश कैमस्टि डस्ट्रिीब्यूटर्स एसोसियेशन (यूपीसीडीए) के महामंत्री राजेन्द्र सैनी ने ई-फार्मेसी के नियमतीकरण के आदेश का कड़ा विरोध व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है यह आदेश दवा व्यापार के इतिहास में काला अध्याय साबित होगा और दवा व्यापारियों के लिए अत्यंत हानिकारक होगा। उन्होंने कहा कि ई-फार्मेसी व्यवस्था लागू होने से दवा व्यापार की सम्पूर्ण संरचना विकृत हो जाएगी। ग्रामीण अंचलों में दवाएं उपलब्ध नहीं होगी और दवाओं का दुरुपयोग भी बढ़ जाएगा। इस आदेश के लाखों दुकानदार व कर्मचारी प्रभावित होंगे और यह व्यापार छोटी पूंजी वालों के हाथ से छिन कर धनाढ्य घरानों के हाथ में चला जाएगा।

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काली पट्टी बांधकर करेंगे विरोध
प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरधारी लाल भगत्यानी का कहना है कि संस्था द्वारा जनप्रतिनिधियों एवं केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।दवा व्यापारियों की राष्ट्रीय संस्था अखिल भारतीय कैमस्टि व ड्रगस्टि संगठन (एआईओसीडी) ने आंदोलन की रूपरेखा तय कर दी है। सभी दवा व्यापारी को 20 से 27 सितम्बर तक काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे और 28 सितम्बर को अपने प्रतष्ठिान बंद रख कर विरोध जताएंगे।

सामने आने लगे परिणाम
बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष शर्मा ने दवा व्यापारियों को ई-फार्मेसी से दवा व्यापार को होने वाले नुकसान की जानकारी दी। आंदोलन और बंद को सफल बनाने के लिए सभी को जिम्मेदारियां दी गईं हैं। गिरधारी लाल भगत्यानी ने बताया कि ई-फार्मेसी के दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं विगत दिनों हरिद्वार से करोड़ों रुपये के मूल्य की दवाओं के साथ तस्कर पकड़े गए थे।

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