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हड़ताली लेखपालों पर सबसे बड़ी कार्रवाई, 45 लेखपाल निलंबित, फिर भी धरना है जारी

एस्मा (आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून) लगने के बाद भी धरना-प्रदर्शन जारी रखने पर 45 लेखपालों को निलंबित कर दिया गया।

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आगरा

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Dhirendra yadav

Dec 18, 2019

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आगरा। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर विभिन्न मांगों को लेकर बीते 10 दिसंबर से हड़ताल कर रहे लेखपालों पर बड़ी कार्रवाई है। एस्मा (आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून) लगने के बाद भी धरना-प्रदर्शन जारी रखने पर 45 लेखपालों को निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद भी लेखपाल हड़ताल पर हैं।

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जारी है आंदोलन
आगरा की सदर तहसील परिसर में लेखपालों का धरना-प्रदर्शन जारी है। 13 दिसंबर को शासन की ओर से एस्मा भी लागू कर दिया गया। इसके बाद भी लेखपालों ने अपना आंदोलन जारी रखा। एस्मा का उल्लंघन करने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष चौधरी भीमसेन और जिला मंत्री प्रताप सिंह सहित 10 लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है। जिले के शेष लेखपालों को काम नहीं तो वेतन नहीं का नोटिस जारी कर दिया है।

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एटा मैनपुरी में भी कार्रवाई
आगरा के अलावा एटा और मैनपुरी में हड़ताली लेखपालों पर निलंबन की कार्रवाई हुई है। एटा जिले में 14 लेखपालों को निलंबित किया गया है, इसके साथ ही 109 लेखपालों को काम नहीं वेतन नहीं का नोटिस जारी किया गया है। वहीं मैनपुरी में 21 लेखपालों को निलंबित किया है। वहीं 186 अन्य लेखपालों का एक दिन का वेतन काटा गया है। लेखपाल को साफ तौर पर निर्देशित किया गया है कि जो भी धरने में शामिल होगा, उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं कासगंज जिले में भी 134 लेखपालों पर प्रशासन ने एस्मा के तहत वेतन रोकने की कार्रवाई की है।