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पाकिस्तान का बलूचियों पर जुल्म, आगरा से शुरू होगा विरोध

25 अक्टूबर को सूरसदन में ब्रूटल फेस ऑफ पाकिस्तान इन जम्मू एंड कश्मीर एंड बलूचिस्तान विषय पर होगा अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनार

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आगरा

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Santosh Pandey

Oct 23, 2017

Baluch

Baloch

आगरा। 70 वर्ष से पाकिस्तान का दमन व दबाव झेल रहे बलूचियों की स्वतंत्रता के लिए ताजनगरी से आवाज उठेगी। दुनियाभर में आतंक की पौधशाला के रूप में कुख्यात पाक से बलूचियों की स्वतंत्रता की मांग की आवाज को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जाएगा। हिन्द बलूच फोरम के तहत 25 अक्टूबर, 2017 को सूरसदन में दोपहर दो बजे से अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनार होगा। इसका विषय है- ब्रूटल फेस ऑफ पाकिस्तान इन जम्मू एंड कश्मीर एंड बलूचिस्तान। सेमिनार को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ व वक्ता संबोधित करेंगे।

पाकिस्तान को सबक सिखाना जरूरी

हिन्द बलूच फोरम के प्रदेश संयोजक पुष्कल गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ने दिल्ली के लाल किले से बलूचियों की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया था। भारत ही नहीं, दुनिया भर को आतंकवाद का दंश दे रहे पाकिस्तान को सबक सिखाना जरूरी है। इसके लिए बलूचियों की स्वतंत्रता के मुद्दे को अन्तर्राष्ट्रीय फोरम पर लाना होगा। इसी उद्देश्य के साथ ताजनगरी में 25 अक्टूबर, 2017 को सूरसदन में अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। आगरा में कई बलूच परिवार रहते हैं। वे पाकिस्तान के दमन से दुखी हैं।

ये हैं मुख्य वक्ता

पुष्कल गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं के रूप में हिन्द बलूच फोरम के संरक्षक स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार, फोरम के अध्यक्ष पवन सिन्हा, सेवानिवृत्त जनरल जीडी बख्शी, पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ व आरएसएन सिंह मौजूद रहेंगे। उन्होंने अपील की है कि आगरा के नागरिक सेमिनार में शिरकत करें ताकि उन्हें पता चल सके कि पाकिस्तानी सेना द्वारा बलूचियों को किस तरह दबाया जा रहा है। पाकिस्तानी सेना ने बलूचियों पर जुल्म की इन्तहा कर दी है। हालात इतने खराब हैं कि मीडिया को जाने की इजाजत नहीं है। बलूच महिलाओं को बेइज्जत किया जाता है। कोई भी देखने वाला नहीं है। अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आस है कि वे बलूचियों को पाकिस्तान के जुल्म से मुक्ति दिलाएं।

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