भारत बंद ने दी बसपा को दोहरी खुशी, मायावती लड़ेंगी दलितों की राजधानी से चुनाव!

भारत बंद ने दी बसपा को दोहरी खुशी, मायावती लड़ेंगी दलितों की राजधानी से चुनाव!

Abhishek Saxena | Publish: Sep, 07 2018 06:10:36 PM (IST) Agra, Uttar Pradesh, India

मायावती को दलितों की राजधानी से चुनाव लड़ाने के लिए किए जाएंगे प्रयास

आगरा। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले सवर्ण समाज द्वारा किए गए प्रदर्शन ने अनुसूचित जाति के समुदाय को दोगुनी खुशी दे दी है। सवर्ण भारतीय जनता पार्टी द्वारा एससी एसटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ हो रहे हैं। ऐसे में लोकसभा चुनाव 2019 में सवर्ण वोट भाजपा से दरक सकता है। मायावती की पार्टी के उम्मीदवार लोकसभा चुनाव 2014 में दूसरे स्थान पर रहे थे। अब सवर्णों के विरोध के चलते पार्टी को लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत की महक आ रही है।

सभी बड़े नेताओं ने लड़ा चुनाव और मिली है जीत
आगामी लोकसभा चुनाव में हार जीत को लेकर कयास लगाने का दौर शुरू हो गया है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि यदि मोदी सरकार ने एससी एसटी एक्ट को सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किए गए निर्देशों के आधार पर लागू किया तो दलित वोटर पार्टी से खिसक जाएगा और यदि नहीं किया तो इस बार सवर्ण वोटर मोदी सरकार को चुनाव में बड़ा नुकसान पहुंचाएगा। वोटर इस बार जातिगत समीकरण फिट बैठाने में लगा है तो पार्टियां भी इसी फॉर्मूले पर काम कर रही हैं। बसपा नेता पार्टी मुखिया को दलितों की राजधानी से चुनाव लड़ाने की कोशिश में जुट गए हैं। जिस तरीके से राजनाथ सिंह, कलराज मिश्र, मुलायम सिंह और अन्य बड़े नेता कहीं से खड़े होकर चुनाव जीत जाते हैं। बसपाई चाहते हैं कि मायावती इस चुनाव में आगरा से खड़ी हों और विरोधियों को मुंह तोड़ जवाब दें।

मायावती का गढ़ रहा है आगरा
गौरतलब है कि आगरा मायावती का सबसे मजबूत गढ़ रहा है। यहां एक समय छह विधायक हुआ करते थे। वहीं 2009 में बसपा से सीमा उपाध्याय ने जीत हासिल की थी। 2014 के चुनाव में मोदी लहर में भी बसपा ने भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी। इस बार एससी एसटी एक्ट ने माहौल बदल दिया है तो दलित चाहते हैं कि इस मौके का लाभ पार्टी को मिले। बसपाई अभी से मायावती को चुनाव लड़ाने के लिए माहौल बनाने में जुट गए हैं।

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