
आगरा। हेरिटेज सिटी बनाने का सपना देख रहे आगरा के पर्यटन कारोबारियों को केन्द्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए गए बजट 2018 से निराशा हाथ लगी है। कारोबारियों का कहना है कि उम्मीदें बहुत थीं, लेकिन मिला कुछ खास नहीं। कुछ घोषणाएं अच्छी दिख रहीं हैं, लेकिन लाभ मिलेगा या नहीं, ये तो जमीनी हकीकत आने पर ही पता चलेगा।
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अलग से मिलना चाहिए था बजट
होटल एंड रेस्टोरेंट ओनर्स एसोसिएशन के महासचिव अवनीश शिरोमणि ने बताया कि जिस प्रकार ताजमहल विश्व पटल पर अपना अलग ही स्थान रखता है, उसी तरह बजट में भी आगरा और देश की टूरिज्म इंडस्ट्री को बढ़ाने के लिए अलग से बजट देना चाहिए था, लेकिन बजट 2018 में ऐसा कुछ भी दिखाइ्र नहीं दिया। शहर में पर्यटन का आंतरिक ढांचा मजबूत करने के लिए विशेष कार्य योजना की जरूरत थी। यह भी नहीं नहीं दिख रहीं।
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नहीं मिला फायदा
पर्यटन कारोबारी सुनील गुप्ता ने बताया कि बजट में कुछ घोषणाएं अच्छी हुई हैं, लेकिन इसका फायदा किसको मिलेगा, कब मिलेगा ये तो जमीन पर योजनाओं के उतरने के बाद ही पता चल सकेगा। उन्होंने बताया कि एविएशन को लेकर कुछ घोषणाएं हुई हैं, उनका अधिक फायदा आगरा को नहीं मिलता दिख रहा है। यह सभी जानते हैं कि आगरा हमेशा उपेक्षित होता रहा है। हस्तशिल्प व्यवसाय से जुड़े राकेश बाबू ने बताया कि बजट काफी निराशा जनक है।
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Updated on:
02 Feb 2018 11:51 am
Published on:
02 Feb 2018 09:40 am
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