
आगरा के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय (IMH) में एमडी (MD) की पढ़ाई कर रही एक महिला डॉक्टर ने हॉस्टल के कमरे में मृत मिली। उन्हें आनन-फानन में एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि डॉक्टर वर्तिका पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से जूझ रही थीं। उन्होंने पहले भी जान देने की कोशिश की थी।
इस वारदात का खुलासा तब हुआ जब लखनऊ में रहने वाली वर्तिका की मां ने उन्हें फोन किया। लगातार फोन करने पर जब कॉल नहीं उठा तो घबराई मां ने वर्तिका के साथी डॉक्टर सिद्धार्थ शर्मा को फोन किया और कमरे पर जाकर देखने को कहा। सिद्धार्थ जब हॉस्टल पहुंचे तो वर्तिका का कमरा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने पर भी जब दरवाजा नहीं खुला, तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर देखा तो वर्तिका अंदर अचेत अवस्था में पड़ी थीं। शुरुआती जांच में नींद की गोलियों के ओवरडोज से आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है।
वर्तिका लखनऊ की रहने वाली थीं। करीब दो महीने पहले फरवरी में वर्तिका ने एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर पर बदसलूकी के आरोप आरोप लगाए थे। संस्थान ने इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया था। हालांकि, जांच रिपोर्ट में आरोप साबित नहीं हो सके और सीनियर डॉक्टर को क्लीन चिट मिल गई। चर्चा है कि तभी से वर्तिका काफी आहत थीं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तिका ने इससे पहले 27 मार्च को भी नींद की गोलियां खाकर जान देने का प्रयास किया था। उस वक्त उनकी जान बच गई थी और परिजन उन्हें अपने साथ लखनऊ ले गए थे। वे केवल तीन दिन पहले ही वापस आगरा लौटी थीं। पुलिस अब वर्तिका के मोबाइल की कॉल डिटेल और सोशल मीडिया पोस्ट खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि आत्महत्या से ठीक पहले उनकी किससे बात हुई थी या उन्होंने कोई वीडियो तो नहीं बनाया।
डॉक्टर की मौत के बाद से पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस के मुताबिक, कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, इसलिए मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगी। वहीं, संस्थान के निदेशक ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई है। यह कमेटी न केवल सुसाइड की जांच करेगी, बल्कि सीनियर डॉक्टर के खिलाफ दी गई पुरानी शिकायत की फाइलों को भी दोबारा खंगालेगी।
Published on:
27 Apr 2026 06:32 pm
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