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अकबर के दरबारी का था ये निवास, आज बुढ़िया का ताल नाम से है मशहूर, देखें तस्वीरें

एत्मादपुर तहसील अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग दो पास पुरातत्व विभाग के नक्शे में 43 और 44 नंबर पर अकबर के दरबारी ख्वाजा एत्माद्खान का निवास बताया जाता है।

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आगरा

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Dhirendra yadav

Nov 01, 2018

Budhiya ka Taal

ईंटों व लाल बलुआ पत्थरों से निर्मित एक विशाल वर्गाकार तालाब है, जिसके बीचो बीच एक दो मंजिला अष्टभुजाकार भवन है, जिस पर गुम्बद बना हुआ है।

Budhiya ka Taal

भवन तक पहुंचने के लिए 21 मेहराबों पर बना एक पक्का पुल है। तालाब के पास 5 पक्के घाटों के अवशेष भी मिले हैं।

Budhiya ka Taal

पास ही में उसका एक मंजिली मकबरा भी बना हुआ है। यहां तालाब के तल में खुदाई में अनेक बौद्धकालीन मुर्तियां व संरचनायें भी प्राप्त हुई हैं।

Budhiya ka Taal

प्रारम्भ में इसका बोधि ताल का नाम था। बाद में बिगड़कर बुढ़िया का ताल हो गया। यह बौद्ध धर्म का प्रतीक है। लोगों का मानना है कि किसी समय में यहां भगवान बौद्ध आये थे।

Budhiya ka Taal

बुढ़िया के ताल में बौद्ध धर्म के अवशेष मिलते हैं। यह इन्हीं विरासतों का एक हिस्सा है। इसके संरक्षण की जरूरत है।

Budhiya ka Taal

यहां सिंगाड़े की खेती तथा आम, जामुन आदि के फसलों की नीलामी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा की जाती है।