
Agra Government Hospital: उत्तर प्रदेश के आगरा से मानवता को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है। यहां पिता को लेकर इलाज के सरकारी अस्पताल पहुंचा बेटे को व्हील चेयर और स्ट्रेचर के लिए स्टाफ इधर से उधर दौड़ाता रहा। करीब 15 मिनट पर इधर से उधर भागने के बाद बेटे का सब्र का जवाब दे गया। इसके बाद उसने पिता को पीठ पर उठाया और इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचाया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं अस्पताल की सीएमएस इस बात को मानने के लिए तैयार ही नहीं हुई कि अस्पताल में अव्यवस्था है। उनका कहना है कि अस्पताल में व्यवस्थाएं चाक चौबंद हैं। नीचे पढ़िए बाप-बेटे की परेशानियों से भरी दर्दनाक कहानी…
उत्तर प्रदेश के आगरा जिला अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक युवक बुज़ुर्ग को पीठ पर डालकर जिला अस्पताल के भीतर जाता नजर आ रहा है। इसको लेकर जब हमने पड़ताल की तो चौंकाने वाला सच सामने आया। दरअसल, यह वीडियो आगरा के बिजलीघर के पास रहने वाले विकास का है। विकास ने बताया कि बीते दिनों उसके बुजुर्ग पिता घर में गिर गए थे।
इससे उनके बाएं पैर की हड्डी टूट गई। विकास मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का खर्च चलाता है। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। पहले उसने पिता को निजी डॉक्टर के पास ले गया। जहां डॉक्टर ने पिता के पैर की हड्डी टूटने की जानकारी दी और प्लास्टर चढ़ाने की बात कही। निजी डॉक्टर की भारी-भरकम फीस देने के लिए विकास के पास पैसे नहीं थे।
इसपर वह पिता को ऑटो से लेकर आगरा के जिला अस्पताल पहुंचा। पिता को ऑटो में बैठाकर विकास जिला अस्पताल में व्हील चेयर या स्ट्रेचर लेने गया। यहां स्टाफ से उसने मदद मांगी तो उसे इधर से उधर दौड़ाया जाने लगा। विकास ने बताया कि वह करीब 15 मिनट तक अस्पताल के विभिन्न वार्डों में व्हील चेयर और स्ट्रेचर ढूंढता रहा, लेकिन उसे निराशा ही हाथ लगी। वहीं स्टाफ से बोलने पर उसे झड़प दिया गया।
उधर, ऑटो चालक भी ज्यादा देर नहीं रुक रहा था। ऐसे में विकास ने अपने पिता को ऑटो से उतारकर पीठ पर उठाया और जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लेकर पहुंचा। ऑटो से इमरजेंसी वार्ड तक जाते समय किसी ने इसका वीडियो बनाया और सरकारी अस्पताल में अव्यवस्थाओं की पोल खोलने के लिए सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। बताया जाता है कि जिला अस्पताल में यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।
विकास ने बताया “जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का टोटा है। जिला अस्पताल में ऐसे जाने कितने मरीज आते होंगे। जिन्हें व्हील चेयर व स्ट्रेचर न मिलने पर परेशानी का सामना करना पड़ता होगा। मेरे पिता के पैर की हड्डी टूटने पर मैं उन्हें दिखाने के लिए लाया, लेकिन व्हील चेयर न मिलने पर उन्हें पीठ पर ही लादकर डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा। उसे डॉक्टरों ने यह कहकर टाल दिया कि यहीं कहीं व्हील चेयर रखी होगी आप देख लीजिए।”
विकास ने आगे बताया कि वह अपने पिता को पीठ पर लादकर विकास हड्डी रोग विभाग में पहुंचे। जहां उनके पैर पर प्लास्टर चढ़वाया। दवाई भी ली। प्लास्टर चढ़वाने के बाद भी उसे स्ट्रेचर या व्हील चेयर नहीं मिली। इसके चलते फिर से उसे पिता पीठ पर उठाना पड़ा। यानी प्लास्टर चढ़वाने के बाद विकास पिता को घर ले जाने के लिए फिर से पीठ पर उठाकर ही जिला अस्पताल से बाहर निकला। इस मामले में जिला अस्पताल की अधीक्षक डॉक्टर अनीता शर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल के ओपीडी, आरडीसी और इमरजेंसी ब्लॉक में हमेशा व्हील चेयर और स्ट्रेचर की व्यवस्था मौजूद रहती है।
प्रमोद कुशवाह कि रिपोर्ट
Published on:
29 Oct 2023 09:59 am
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