
Courier service
आगरा। उप-डाकघरों में डाक पंजीकरण कराने में लगातार उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिसका मुख्य कारण उपडाकघरों में हमेसा सर्वर डाउन होने का बहाना बनाया जाता है। उप- डाकघर के स्टॉफ द्वारा तरह-तरह से भ्रमित कर उपभोक्ताओं को विवश करते हैं कि वह अपनी डाक प्राइवेट कोरियर सर्विस द्वारा भेजे। इससे ऐसा जान पड़ता है कि कुछ उपडाकघरों की सैटिंग अपने क्षेत्र के कोरियर सर्विस वालों से हो गयी है। वह सरकारी डाकघर को फेल व प्राइवेट कोरियर सर्विस को फायदा पहुुंचाने का कार्य कर रहे हैं। यह कहना है आगरा मण्डल व्यापार संगठन के संस्थापक गोविन्द अग्रवाल का।
ये दिया उदाहरण
आगरा मण्डल व्यापार संगठन के संस्थापक गोविन्द अग्रवाल ने बताया कि उनके द्वारा भेजे गये नुमाइन्दे को एक उपडाकघर द्वारा नेट कनेक्शन न आने का बहाना कर लौटा दिया गया, जिससे मजबूर होकर उपभोक्ता ने नजदीक के प्राइवेट कोरियर सर्विस को रसीद संख्या-377884430 से 19.07.2018 को कलकत्ता के लिए पत्र बुक कराया, जिसका कोरियर वालों ने एक साधारण पत्र का 40/- रुपये की रसीद बनाई, जबकि पूरे हिन्दुस्तान में साधारण लिफाफे की कीमत 20/- रुपये से ज्यादा नहीं है। श्री अग्रवाल की जानकारी में आने पर उस रसीद का सूक्ष्म निरीक्षण किया तो पाया कि उस रसीद पर कंपनी का कहीं भी हैड ऑफिस का कोई भी पोस्टल पता प्रिन्ट नहीं था तथा टर्म्स एण्ड कण्डीशन सभी इतने छोटे अक्षरों में प्रिन्ट कराये गये थे कि उनको किसी भी हालात में पढ़ा नहीं जा सकता था। रसीद के ऊपर कहीं भी टोल फ्री नम्बर या मोबाइल नम्बर आदि कुछ भी नहीं प्रिन्ट था। सिर्फ वेबसाइड की जानकारी लिखी थी। इस प्रकार एक आम आदमी छोटा उपभोक्ता किस तरह किसी भी प्रकार के क्लेम को कहां करेगा।
फर्जी है रसीद
श्री अग्रवाल ने बताया कि यह रसीद निश्चित रूप से फर्जी है जिसके ऊपर कोई भी जीएसटी नम्बर बगैरा भी अंकित नहीं था। इस सम्बन्ध में जब श्री अग्रवाल ने बुकिंग ऑफिस में मोबाइल नम्बर-9634079354 पर सम्पर्क किया तो वहां पर उपस्थित स्टॉफ ने कोई भी संतोषजनक जबाव नहीं दिया। उसके उपरान्त संजय प्लेस स्थित कंपनी के कार्यालय में मोबाइल नम्बर-9319100067 पर सम्पर्क किया, उन्होंने कलकत्ता हैड ऑफिस का नम्बर-9830040220 दिया, फिर श्री अग्रवाल द्वारा वहां पर बयानी से बात हुई, लेकिन वह इस बात का कोई सही जबाव नहीं दे पाये कि बिना जीएसटी के रसीद क्यों जारी हो रही है और रसीद पर कोई भी नम्बर न होना यह दर्शाता है कि यह सब फर्जी काम है। इस बात का जबाव न देते हुए उन्होंने तुरन्त फोन काट दिया। उसके उपरान्त स्थानीय ऑफिस से फोन आने पर श्री अग्रवाल ने कहा गया कि आप रसीद लेकर भेज दें हमने आपसे जो ज्यादा पैसा लिया है वह वापिस मंगा लें। तब स्थानीय ऑफिस ने धोखा देकर रसीद तो अपने पास रख ली तथा डाक व 40 रूपये वापिस कर दिये।
की ये मांग
श्री अग्रवाल ने दावा किया है कि प्राइवेट कोरियर कंपनी फर्जीवाड़ा कर रही है, जिसका सम्पर्क उप-डाकघरों के स्टॉफ से है। इस तरह यह उपभोक्ताओं को धोखा देकर ठगने का कार्य कर रहे हैं। इस सम्बन्ध में आयकर व पुलिस विभाग को भी षडयंत को खुलवाने के लिए आगरा मण्डल व्यापार संगठन कार्रवाई करेगा।
Published on:
21 Jul 2018 05:01 pm
बड़ी खबरें
View Allआगरा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
