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स्कूलों की फीस को लेकर जारी हुआ बड़ा आदेश, उल्लंघन करने पर एफआईआर के साथ एक लाख का जुर्माना

पांच वर्ष तक स्कूल ड्रेस में नहीं होगा कोई परिवर्तन।

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आगरा

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Dhirendra yadav

May 17, 2018

School fee ordinance 2018

School fee ordinance 2018

आगरा। निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से वसूली जा रही फीस को लेकर बड़ा आदेश जारी हुआ है। कमिश्नर केराम मोहन राव की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि विद्यालय शुल्क निर्धारण अध्यादेश 2018 का कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा। इसके साथ ही स्कूल की ड्रेस के परिवर्तन को लेकर भी पांच साल का नियम लागू किया गया है।

हुई बैठक
कमिश्नर के राम मोहन राव की अध्यक्षता में मंडल में संचालित निजी स्कूलों द्वारा छात्रों से वसूल किये जा रहे मनमाने शुल्क पर नियंत्रण के संबंध में स्व वित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय शुल्क निर्धारण अध्यादेश 2018 द्वारा गठित की गई मण्डलीय शुल्क नियामक समिति की बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें अध्यादेश में की गई व्यवस्था का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

ये दिए निर्देश
बैठक में आयुक्त ने बताया कि यह उन्हीं विद्यालयों में लागू होगा, जिनमें किसी छात्र के लिए कुल सम्भावित संदेय शुल्क रूपये 20,000 वार्षिक से अधिक है। प्रत्येक विद्यालय में शुल्क वार्षिक आधार पर नहीं लिया जाएगा। यह मासिक या त्रैमासिक या अर्द्धवार्षिक किस्तों में लिया जायेगा, तथा ऐसे कोई विद्यालय संसूचित शुल्क से अधिक कोई शुल्क नहीं ले सकेगें। कोई विद्यालय कैपिटेेशन शुल्क नहीं लेगा तथा प्रत्येक शुल्क की रसीद जारी करेगा।

एफआईआर होगी दर्ज
उन्होंने बताया कि ऐसे विद्यालय द्वारा पांच वर्ष तक स्कूल ड्रेस में परिवर्तन नहीं किया जायेगा, तथा किसी छात्र को पुस्तकें, जूते, मौजे, व यूनीफार्म किसी विशिष्ट दुकान से क्रय करने के लिए बाध्य नहीं किया जायेगा। आयुक्त ने संयुक्त शिक्षा निदेशक को निर्देशित किया है कि वे टीम बनाकर अध्यादेश में दी गई व्यवस्थाओं के अनुरूप अनुपालन की स्थिति की जांच कराते रहें। यदि कहीं पर अध्यादेश का उल्लघंन पाया जाये तो एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए।

1 लाख का जुर्माना
संयुक्त शिक्षा निदेशक अरविन्द कुमार पाण्डेय ने बताया कि विद्यालय परिसर में वाणिज्य क्रिया कलाप से प्राप्त होने वाली आय विद्यालय खाते में जमा होगी। अध्यादेश के उपबन्धों का प्रथम वर्ष में उल्लघंन किये जाने पर 01 लाख रूपये का अर्थ दण्ड दूसरे वर्ष में 05 लाख का अर्थ दण्ड तथा तीसरे वर्ष में उल्लघंन किये जाने पर मान्यता, सम्बद्धता वापस लिये जाने की संस्तुति की जा सकती है। बैठक में अधीक्षण अभियन्ता लोनिवि योगेश पवार, चार्टेड एकाउन्टेन्ट दीपेन्द्र मोहन, वित्त एवं लेखा अधिकारी तथा प्रबन्धक क्वीन विक्टोरिया गल्र्स इन्टर कालेज सहित अन्य सम्बन्धित व्यक्ति उपस्थित थे।