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भाजपा के कारनामों का ‘भंडाफोड़’ करेगी कांग्रेस, ऐसे जाएंगी जनता के बीच

एक माह तक चलेगा कार्यक्रम, जनता को बताई जाएंगीं योजनाओं की सच्चाई

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आगरा

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Abhishek Saxena

Jun 07, 2018

congress

नरेन्द्र मोदी और राहुल गांधी

आगरा। मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल के चार साल पूरे किए हैं। सरकार अपने चार साल के कार्यकाल का गुणगान कर रही हैं। सांसद अपने अपने क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं का बखान कर रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस ने पलटवार करते हुए भाजपा का भंडाफोड़ करने का फैसला लिया है। कांग्रेस नेतृत्व के आह्वान पर प्रदेश में पांच जून से सम्मेलनों का आयोजन शुरू हो चुका है। आगरा जनपद में 15 ब्लॉकों में ये सम्मेलन होंगे। इन सम्मेलनों को सफल बनाने के लिए पीसीसी सदस्यों को लगाया गया है। हर ब्लॉक में दो लोगों को जिम्मेदारी दी गई है।

देहात में 15 पीसीसी सदस्य करेंगे कार्यक्रम
कांग्रेस जिलाध्यक्ष दुष्यंत शर्मा का कहना है कि देहात क्षेत्र में 15 पीसीसी सदस्य हैं ओर इतने की ब्लॉक हैं। इस तरह कांग्रेसने ब्लॉक स्तर पर सम्मेलन की जिम्मेदारी और कार्यक्रम की रूपरेखा दोनों की तय की है। महानगर में नौ पीसीसी सदस्य हैं। इन सदस्यों को भी शहर में वार्ड स्तर पर सम्मेलन और बैठकों के माध्यम से लोगों को मोदी सरकार की विफलताओं को अवगत कराने के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं।

सम्मेलनों की तैयारियों को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष दुष्यंत शर्मा ने जानकारी दी कि मोदी सरकार के चार साल की पोल खोली जाएगी। सरकार की विफलताओं का भडाफोड़ करने के लिए कांग्रेसी जनता से सवाल करेंगे। इन सवालों की सूची तैयार है। सूची में वही सवाल शामिल है, जो जनता से किए गए थे जब मोदी सरकार सत्ता में आई थी।

ये हैं सवाल
— सौ दिन में कालाधन वापसी के दावे का क्या हुआ
— क्या जनता के खाते में 15 लाख रुपये आए
— भारत एक सैनिक के बदले पाकिस्तान के दस सिर क्यों नहीं आए
— रसोई गैस के दामों में चार सालों में कितनी कमी आई
— क्रूड आॅयल की अंतरराष्ट्रीय कीमत कम, फिर क्यों बढ़ा पेट्रोल मूल्य
— किसानों की आय पिछले चार सालों में दोगुनी हुई क्या
— डिफाल्टर पूंजीपतियों का 2.40 हजार करोड़ ऋण क्यों माफ किया
— प्रतिवर्ष दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने के वादे का क्या हुआ
— आत्महत्या को मजबूर हो रहे किसानों का कर्जा माफ क्यों नहीं किया
— शिक्षित युवा बेरोजगारों से पकौड़ा क्यों बिकवाना चाहती है सरकार
— अपने मन की बात करते हैं मोदी, जनता के मन की क्यों नहीं सुनते
— क्या अब सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार खत्म हो गया
— रुपये को डॉलर के मूल्य बराबर लाने के दावे का क्या हुआ