
Dead Bodies Deal in Agra: उत्तर प्रदेश की ताजनगरी में पोस्टमार्टम हाउस में डॉक्टरों की करतूत से मानवता शर्मसार हो गई। धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने वाले शवों का सौदा करना शुरू कर दिया। मामला चर्चा में आने के बाद सीएमओ ने इसकी जांच के आदेश दिए है। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में जांच के बाद दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इसके साथ ही निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस मामले में एक अधिवक्ता ने सीएमओ को पत्र भेजकर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
अधिवक्ता ने सीएमओ को भेजे पत्र में बताया है कि आगरा के पोस्टमार्टम हाउस पर कर्मचारी शवों का पोस्टमार्टम करने के बदले रुपये मांगते हैं। इसके लिए वे पीड़ित परिजनों से बाकायदा मोलभाव भी करते हैं। इसका खुलासा रविवार को तब हुआ। जब आगरा की लॉयर्स कॉलोनी में मां-बेटे की हत्या के बाद खुदकुशी करने वाले युवक का शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा।
एक साथ पहुंचे तीन शवों का पोस्टमार्टम करने के लिए यहां तैनात डॉक्टर और कर्मचारियों ने रुपये मांगे। पीड़ितों ने अपनी परेशानी बताई। इसपर आरोपियों ने मोलभाव शुरू कर दिया। यह सुनकर पोस्टमार्टम कराने आए लोगों के दिल दहल गए। यह शर्मनाक मामला सामने आने के बाद सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने जांच के आदेश दिए हैं और कहा कि आरोपी स्टाफ को निलंबित किया जाएगा और इन पर मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।
दरअसल, लॉयर्स कॉलोनी में रविवार को 42 साल के तरुण चौहान ने अपने 12 साल के बेटे कुशाग्र और 72 साल की मां बृजेश देवी की हत्या कर दी। इसके बाद तरुण ने खुद भी सुसाइड कर लिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम हाउस भेजा था। मृतक के ताऊ विक्की चौहान पोस्टमार्टम हाउस गए थे। उनके साथ लायर्स कॉलोनी में रहने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता रामशंकर शर्मा भी थे। 11 फरवरी को करीब डेढ़ बजे पोस्टमार्टम होना था। यहां स्टाफ ने मृतक के ताऊ के बेटे विक्की चौहान से कहा कि 2000 रुपये दो तभी पोस्टमार्टम होगा। इस पर लोगों ने तीनों शव एक ही घर के होने का हवाला दिया। जिसके बाद आरोपी कर्मचारियों ने 500 रुपये का डिस्काउंट देने की बात कही।
यह शर्मनाक मामला सामने आने के बाद अधिवक्ता ने सीएमओ को नोटिस भेजा है। लॉयर्स कॉलोनी के रहने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने बताया कि लॉयर्स कॉलोनी के तरुण चौहान, उनका बेटा कुशाग्र और मां ब्रजेश देवी के शव पेास्टमार्टम के लिए 11 फरवरी को डेढ़ बजे पहुंचे। यहां स्टाफ ने मृतक के ताऊ के बेटे विक्की चौहान से कहा कि 2000 रुपये देा तभी पोस्टमार्टम होगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने बताया कि पोस्टमार्टम के लिए रुपए की मांग सुनकर वो चौंक गए। उन्होंने विरोध किया कहा कि पोस्टमार्टम के लिए रुपए कब से लगते हैं। इस पर उनसे कहा गया कि 500 रुपए सफाई और प्रति शव के 500 रुपए लिए जाते हैं। रुपए नहीं दोगे तो पोस्टमार्टम नहीं होगा। इसका फिर विरोध किया तो स्टाफ ने अभद्रता करना शुरू कर दिया। बड़ी मुश्किल से वो 1500 रुपए पर माने। इस पर विक्की ने 1500 रुपये दिए। जिसके बाद पोस्टमार्टम किया गया और शव सौंपे।
अधिवक्ता ने मांग की है कि इस मामले की जांच करते हुए स्टाफ पर मुकदमा दर्ज किया जाए और इसकी शिकायत सीएम और स्वास्थ्य मंत्री को भी भेजी जा रही है।अधिवक्ता की ओर से सीएमओ को नोटिस दिया गया है। मांग की है कि इस मामले की जांच करते हुए स्टाफ पर मुकदमा दर्ज कराया जाए। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को भी ये शिकायत भेज रहा हूं। इस पर सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि पोस्टमार्टम निशुल्क होता है। कर्मचारियों ने रुपये मांगे हैं, ये बेहद गंभीर मामला है। पूर्व में ऐसी शिकायत पर कार्रवाई कर स्टाफ बदला था। कमेटी से जांच कराते हुए आरोपी स्टाफ को निलंबित किया जाएगा।
-आगरा से प्रमोद कुशवाह की रिपोर्ट
Updated on:
13 Feb 2024 09:33 am
Published on:
13 Feb 2024 09:32 am
बड़ी खबरें
View Allआगरा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
