
धनगर समाज
आगरा। शासन के आदेश के बाद भी धनगरों को अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र न मिलने का मामला तूल पकड़ रहा है। राष्ट्रीय धनगर महासभा ने 28 फरवरी से सदर तहसील पर बेमियादी धरना शुरू करने ऐलान कर दिया है। इस धरने में हजारों लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। यह एक प्रकार से तहसील पर डेरा डालो आंदोलन सरीखा है। इस ऐलान के बाद प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल रहे हैं, क्योकि धनगर संघर्ष समिति पहले ही 2 मार्च से धरना-प्रदर्शन का ऐलान कर चुकी है।
जेपी धनगर ने किया ऐलान
राष्ट्रीय धनगर महासभा के अध्यक्ष जेपी धनगर ने बताया कि धनगर समाज को अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र दिलाने के लिए वर्ष 2001 से अब तक किए गए संघर्ष का विस्तृत ब्यौरा दिया और बताया कि प्रदेश शासन कई बार शासनादेश कर चुकी है। अनुसूचित आयोग भी वर्षों पहले मान चुका है कि धनगर गड़रिया की उपजाति है जो भारत की अनुसूचित जाति की अनुसूची के क्रमांक 27 पर 1950 से अधिसूचित है। उन्होंने कहा कि पिछले महीने ही प्रदेश शासन ने स्पष्ट आदेश किया है कि यूपी के सभी राज्यों में धनगर निवास करते हैं। धनगर जाति के व्यक्ति सामाजिक हीनभावना के कारण अपने नाम के साथ पाल-बघेल सरनेम लगाते हैं। उपनाम लगाने के आधार पर इन्हें अनुसूचित जाति के अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता। श्री धनगर ने कहा कि इतने स्पष्ट आदेश के बाद भी आगरा समेत कई जिलों में अभी अधिकारियों द्वारा धनगरों को अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में हमारे पास सदर तहसील पर डेरा डालने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है। 28 अप्रैल को 10 बजे से तहसील पर बेमियादी धरना शुरू होगा जो अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र जारी होने के बाद ही खत्म किया जाएगा।
समूचा समाज एकजुट
फतेहाबाद के ब्लाक प्रमुख राकेश धनगर, सपा नेता प्रेम सिंह बघेल, राजेश कुमार परिहार एडवोकेट, राजेश बघेल ने भी जेपी धनगर के स्वर में स्वर मिलाते हुए समाज के लोगों से कहा कि करो या मरो की रणनीति के साथ 28 फरवरी को सुबह दस बजे सदर तहसील पर पहुंचें। इस मौके पर ओपी बघेल, तेज सिंह बघेल, हृदय सिंह एडवोकेट, दिलीप नेताजी, हाकिम सिंह पहलवान, देवेंद्र प्रधान, वीके धनगर, भूरी सिंह धनगर, महावीर सिंह धनगर, श्रीकृष्ण धनगर समेत बड़ी संख्या में धनगर समाज के लोग मौजूद थे।
Published on:
25 Feb 2019 06:27 pm
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