
आगरा। मुम्बई के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विक्रम लॉन्डे (vikram londhey) ने अपने व्याख्यान में बताया कि गठिया का कारण डायबिटीज, इन्फेक्शन, टीबी, कुष्ठ रोग, ब्लड कैंसर, एचआईवी भी हो सकता है। वहीं शराब पीने व नॉनवेज खाने के से भी गठिया होने की सम्भावना बढ़ जाती है। वजह रक्त में यूरिक एसिड का बढ़ने से जोड़ों में दर्द और अकड़न की समस्या बढ़ने लगती है। कम उम्र में इसका एक मुख्य कारण लगातार एक स्थिति में और एसी की ठंडी हवा में बैठना भी है। भारत में लगभग 1 प्रतिशत लोग आर्थराइटिस की समस्या से पीड़ित हैं। इलाज की सुविधाएं और जागरूकता बढ़ने से लोग प्रारम्भकित स्थित में इलाज ले रहे हैं। जिससे इसका प्रतिशत स्थिर है। लेकिन लोगों लोलों ने पनी आराम तलब जिंदगी और जीवन
शैली में परिवर्तन नहीं किया तो समस्या बढ़ सकती है।
अधिक काम का दबाव उड़ा रहा युवाओं की नींदः डॉ. काशीनाथ
डॉ. काशीनाथ दास ने अपने व्याख्यान में बताया कि आजकल युवाओं में काम का दबाव ज्यादा है। जिसके कारम वह इनसोम्निया बीमारी (जिसमें नींद का ना आना) का शिकार हो रहे हैं। नींद पूरी न होंने के कारण स्ट्रेस बढ़ता है। जिसकी वजह से हाइपरटेंशन, माइग्रेन, उचित शारीरिक विकास न होना जैसी बीमारियों व समस्याओं का का खतरा बढ़ रहा है। युवाओं को स्वस्थ रहने के लिए तनाव मुक्त रहना जरूरी है। कम से कम 7 घंटे की नींद अनिवार्य है।
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कैप्सूल एंडोस्कॉपी से आपरेशन हुए कम
डॉ टीएस चंद्रशेखर चेन्नई ने बताया कि पहले पेट में अल्सर और ब्लीडिंग होने पर ऑपरेशन किए जाते थे। ये घातक होते हैं। लेकिन नई तकनीकी में कैप्सूल एंडोस्कॉपी से अल्सर का पता लगाने के साथ ही ब्लीडिंग भी बंद की जा सकती है।
Published on:
09 Jan 2020 06:55 pm
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