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जेल में मिलती हैं ये सुविधाएं, सामने आया चौंकाने वाला खुलासा

जिला जेल में खाइए चिकन, सिपाही कराते हैं अपने मोबाइल से बात, हर चीज के रेट फिक्स

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आगरा

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Abhishek Saxena

Jul 16, 2018

jail

जेल में मिलती हैं ये सुविधाएं, सामने आया चौंकाने वाला खुलासा

आगरा। मुन्ना बजरंगी की हत्या बागपत जिला जेल में हुई तो जेलों की सुरक्षा और वहां के हालातों पर सवाल खड़े होने लगे। लेकिन, जेलों की हालत किसी से छिपी नहीं है। जेल में हर सुख सुविधा मुहैया होती है बस उसकी रेट लिस्ट फिक्स है। जेलों में हालात बद से बदतर हैं ये सभी जानते हैं। क्षमता से अधिक बंदी जेलों में हैं। यही हाल आगरा की जिला जेल का भी है। जेल में बंदियों को सारी सुविधाएं मुहैया होती है।

चिकन मटन के साथ मोबाइल की भी सुविधा
जिला जेल में बंदियों को सारी सुविधाएं मुहैया कराई जाती है। जेल में मोबाइल और कैमरा ले जाने की अनुमति नहीं है। लेकिन, एक बंदी ने जो आंखों देखा हाल जो बताया वो हैरान करने वाला था। पत्रिका टीम ने जेल के हालातों की बारीकी से पड़ताल करने के लिए जब सुरागकसी की तो नाम और पहचान गुप्त रखने की शर्त पर एक बंदी ने जानकारी दी। बंदी ने बताया कि बागपत की जेल में हुए मर्डर के बाद आगरा की जेल में इसका कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है। हाईप्रोफाइल केसों में निरुद्ध बंदियों की संख्या जिला जेल में अच्छी खासी है, जिसके चलते यहां कई सुख सुविधाएं उपलब्ध हो रही है। बंदी के मुताबिक सप्ताह में जब नॉनवेज खाने का मन होता है, उपलब्ध करा दिया जाता है। जेल से मोबाइल फोन से बात करने के एवज में कूपन के रूप में भुगतान करना पड़ता है।

ऐसे मिलती हैं सुविधाएं
जेल में बंदी जब आता है तो मशक्कत के नाम पर उसकी रसीद काट दी जाती है। मशक्कत के नाम पर अच्छी खासी रकम ऐंठ ली जाती है। इसके बाद शुरू होता है बैरक से लेकर खाने, पीने, कपड़े आदि का सिलसिला। बंदी के मुताबिक जब भी जेल में परिजन मिलने आते हैं तो कमाई शुरू हो जाती है। मिलाई के दौरान जो भी सामान परिजन बंदियों को देकर जाते हैं। उसका कुछ हिस्सा जेल के सिपाहियों द्वारा रख लिया जाता है। वहीं यदि परिजन पैसे देकर जाते हैं तो कमीशन के नाम पर उनसे पैसे ले लिए जाते हैं। जब भी चेकिंग की जाती है तो कभी भी बंदियों के सामान में रुपये पैसे नहीं मिलते हैं। ये रुपये वहां मौजूद सिपाहियों द्वारा रख लिए जाते हैंं। घर पर अपने परिजनों से बात करने के लिए मोबाइल के लिए कूपन का सहारा होता है। पचास और सौ रुपये की कूपन कमाई का जरिया हैं। धूम्रपान करने वालों के लिए भी विशेष सुविधाएं उपलब्ध हैं। जिला जेल में मिलने वाली सुविधाओं से अधिकारी भी वाकिफ हैं लेकिन, कबूलने को तैयार नहीं है।