
डॉक्टर्स डे-मातृ मृत्यु दर कम करने पर आगरा की इस महिला चिकित्सक को अवार्ड
आगरा। देश भर में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) को कम करने के मकसद से शुरू हुई प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान (पीएमएसएमए) में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों और निजी चिकित्सकों को स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। उन संगठनों को भी अवाॅर्ड से नवाजा गया जो इस अभियान को सार्थक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसमें फेडरेशन आॅफ आॅब्सटेट्रिक एंड गायनेकोलाॅजिक सोसाइटी आॅफ इंडिया (फाॅग्सी) को भी अवार्ड देकर सम्मानित किया गया। फाॅग्सी की ओर से यह अवार्ड दिल्ली के होटल हयात में अध्यक्ष और आगरा की चिकित्सक डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने ग्रहण किया।
235 शाखाएं 35000 से अधिक व्यक्तिगत सदस्य
बता दें कि फाॅग्सी देश में स्त्री रोग विशेषज्ञों का सर्वश्रेष्ठ संगठन है। विभिन्न राज्यों और शहरों में इसकी 235 से अधिक शाखाएं और 35000 से अधिक व्यक्तिगत सदस्य हैं। संगठन देश में महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और सशक्तिकरण पर काम कर रहा है। सरकार के साथ कदम मिलाकर भी फाॅग्सी तमाम योजनाओं पर काम कर रही है, जिससे भारत में मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने के साथ ही महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके।
हर माह नि:शुल्क चैकअप
हर माह की नौ तारीख को फाॅग्सी के देश भर में सदस्य अपने अस्पतालों, क्लीनिकों में महिलाओं को निःशुल्क प्री-नेटल चैकअप उपलब्ध कराते हैं। ऐसे ही तमाम प्रयासों के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नडडा ने भारत सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आयोजित कार्यक्रम में फाॅग्सी को 'आई प्लेज फाॅर 9 अचीवर्स' अवार्ड से नवाजा है। इसके अलावा सर्वश्रेष्ठ अनुकरणीय स्वैच्छिक सेवा के लिए आगरा की निजी क्षेत्र की चिकित्सक डॉ. हेमा सडाना को पुरस्कत किया गया है। इस अवसर पर फाॅग्सी के पूर्व अध्यक्ष फाॅग्सी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा, डॉ. जयदीप टंक, डॉ. रिश्मा पाई, डॉ. प्रतिमा पांडे, डॉ प्रतिमा मित्तल, फॉगसी की प्रेसिडेंट इलेक्ट डॉ नन्दिता पल्सेतकर आदि मौजूद थे। डॉ. जयदीप ने यह अवार्ड फॉगसी के सदस्य डॉक्टरों को समर्पित करते हुए कहा कि वह फॉगसी के उन सभी सदस्यों की आभारी हैं जो कड़ी मेहनत से दूर गांव में भी सुरक्षित प्रसव करा रहे हैं।
सरकार की पीएमएसएमए योजना से जोड़ने पर विचार
उन्होंने बताया कि इस वर्ष फाॅग्सी की पहल अदभुत मातृत्व को भी सरकार की पीएमएसएमए योजना से जोड़ने पर विचार चल रहा है। संभवतः अगले चरण में अदभुत मातृत्व को पीएमएसएमए से जोड़ा जा सकता है, ताकि स्वस्थ और संस्कारवान पीढ़ी का निर्माण किया जा सके। उन्होंने फाॅग्सी द्वारा पैरामेडिकल स्टाॅफ को दक्ष बनाने के लिए चलाए जा रहे समर्थ प्रोग्राम के बारे में भी जानकारी दी। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे, अनुप्रिया पटेल, स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, उप संचालक डॉ. अलका गुप्ता आदि के साथ ही विभिन्न राज्यों से आए स्वास्थ्य मंत्री उपस्थित थे। बता दें कि पीएमएमएस का मुख्य उददेश्य गर्भवती महिला की प्रसव पूर्व जांच कर उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को उपचार एवं सुरक्षित प्रसव कराकर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना है।
Published on:
01 Jul 2018 10:02 am
बड़ी खबरें
View Allआगरा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
