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भारत को मधुमेह की राजधानी न बनने देंगे, हृदयाघात से मौतें रोकेंगे

12 हजार चिकित्सकों का सम्मेलन एपीकॉन 2020 का समापन, 2021 में जयपुर में मिलेंगेचार दिवसीय कार्यशाला में डेंगू, टीबी, जीका वायरस, अन्य बीमारियों पर किया मंथनसमापन पर जीवनशैली से जुडी बीमारियों की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करने का संकल्प

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आगरा

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Dhirendra yadav

Jan 09, 2020

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आगरा। भारत को मधुमेह रोगियों की राजधानी बनने से रोकना है। हार्ट अटैक से हो रही मौतें कम करनी हैं। इसी संकल्प के साथ एपीकॉन का फतेहाबाद रोड स्थित होटल केएनसीसी में समापन हुआ। चार दिवसीय कार्यशाला में देश विदेश से जुटे 12 हजार चिकित्सकों ने नई तकनीकी और बीमारियों की रोकथाम पर विचार-विमर्श किया। समापन समारोह में आयोजन समिति के सभी सदस्यों सहित पोस्टर व रिसर्च पेपर प्रिजेन्टेशन प्रतियोगिता के विजेता पीजी स्टूडेंट को सम्मानित किया गया।

एपीकॉन 2020 में मधुमेह, ह्रदय रोग की रोकथाम को लेकर डॉक्टरों ने नई दवा से लेकर जीवनशैली में बदलाव पर चर्चा की। आयोजन सचिव डॉ. पीके माहेश्वरी ने कहा कि लोग बीमार ना हों, इस दिशा में भी डॉक्टर काम करेंगे। इसके लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। वे कुछ समय अपने स्वास्थ्य को भी दें जिससे 70-80 साल की उम्र तक स्वस्थ्य रह सकें। इसके साथ ही 2021 में जयपुर में एपीकॉन की घोषणा के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर मुख्य रूप से आयोजन समिति के चेयरमैन डॉ. टीपी सिंह, डॉ. मनीष बंसल, डॉ. प्रभात अग्रवाल, डॉ. आशीष गौतम, डॉ. जना पांडे, डॉ. अश्वनी निगम, डॉ. निखिल पुरसनानी, डॉ. सुभाष यादव, डॉ. यूएन गुप्ता, डॉ. विजय सिंघल, डॉ. अपूर्व जैन, डॉ. प्रशान्त प्रकाश, डॉ. बलवीर सिंह, डॉ. मृदुल चतुर्वेदी, डॉ. अजीत चाहर आदि उपस्थित थे।