
Dr. Pawan Pareek
आगरा। आधुनिकता ने हमारी जवीन शैली को बदलकर रख दिया है। उसका सीधा असर हमानरे स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। भागदौड़ भरी जीवन शैली और आज की शहरी कार्यशेली और पाश्चात्य खानपान से तनाव, अवसाद, पेट, ह्रदय, गुर्दा एवं कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों तेजी से घर करती जा रही हैं। ये व्यख्यान इंग्लैंड के ऐतिहासिक शहर लिवरपुल में 21 से 22 अप्रैल 2018 को आयोजित अंर्तराष्ट्रीय होम्योपैथिक सेमिनार में डॉ. पवन पारीक ने दिए।
इस पर दिया व्याख्यान
इस अंर्तराष्ट्रीय होम्योपैथिक सेमिनार में डॉ. पवन पारीक होम्योपैथिक इन लाईफ स्टाइल डिजीस पर व्याख्यान दिया। डॉ. पवन पारीक ने बताया कि ये बीमारियों केवल महानगरों तक सीमित नहीं रही हैं, बल्कि इस विस्तार छोटे शहरों एवं गांवों तक बहुत तेजी से फैल रहा है। कम सोना और काम के अधिक दबाव के चलते करीब 23 लाख युवा आबादी हर साल असमायिक मौत का शिकार हो जाती है।
होम्योपैथिक दवाओं से गंभीर बीमारियों का इलाज
डॉ. पवन पारिक अपने शोध कार्य में बताया कि होम्योपैथिक दवाओं से पीड़ित व्यक्ति न केवल मानसिक और शरीरिक रूप से स्वस्थ होता है, बल्कि उपरोक्त गंभीर बीमारियों का बिना किसी दुष्प्रभाव के होम्योपैथी दवाओं से बचाव भी किया जा सकता है।
शहर की सुंदरता से हुए प्रभावित
व्याख्यान के पश्चात डॉ. पवन पारीक आयोजकों के संग इस ऐतिहासिक शहर के भ्रमण पर निकले। शहर भ्रमण पर उन्होंने यह पाया कि तकरीबन आठ लाख की आबादी के इस शहर में कोई भी ट्रेफिक पुलिस वाला नहीं था। हर व्यक्ति ट्रेफिक नियमों का पालन कर रहा था। हर चौराहे पर पेडेस्ट्रीयल लाइट पोल लगे हुए थे। बस से उतरते समय ड्राइवर को धन्यवाद करना नहीं भूलते था। हर व्यक्ति मन में अपने शहर के प्रति आगाध प्रेम और उसे सुंदर और सुरक्षित रखने की भावना से ओत प्रोत था। गंदगी का कहीं भी नामोनिशान नहीं था, वहीं सड़कें और चौराहे हरियाली आकर्षक नजर आ रहे थे।
Published on:
28 Apr 2018 10:38 am
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