
#UPDusKaDumहिंदू-मुस्लिम वास्तुtशिल्पh के मिश्रण का बेजोड़ उदाहरण है फतेहपुर सीकरी, जानिए 10 रोचक तथ्य
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले का फतेहपुर सीकरी एक ऐतिहासिक नगर है। इसे मुगल सम्राट अकबर ने 1571 से 1585 के बीच बसाया था। यह आगरा से 35 किमी दूर है। यहां का बुलंद दरवाजा विश्व धरोहर है, जो 53.63 मीटर ऊंचा और 35 मीटर चौड़ा है।
1. फतेहपुर सीकरी हिंदू और मुस्लिम वास्तुशिल्प के मिश्रण का सबसे अच्छा उदाहरण है।
2. फतेहपुर सीकरी मस्जिद के बारे में कहा जाता है कि यह मक्का की मस्जिद की नकल है और इसके डिजाइन हिंदू और पारसी वास्तुशिल्प से लिए गए हैं।
3. मस्जिद के उत्तर में शेख सलीम चिश्ती की दरगाह है जहां निसंतान महिलाएं दुआ मांगने आती हैं।
4. आंख मिचौली, दीवान-ए-खास, बुलंद दरवाजा, पांच महल, ख्वाबगाह, अनूप तालाब फतेहपुर सीकरी के प्रमुख स्मारक हैं।
5. फ़तेहपुर सीकरी में अकबर के समय के अनेक भवनों, प्रसादों तथा राजसभा के भव्य अवशेष आज भी वर्तमान हैं।
6. यहां की सर्वोच्च इमारत बुलंद दरवाज़ा है, जिसकी ऊंचाई भूमि से 280 फुट है।
7. 52 सीढ़ियों के पश्चात दर्शक दरवाजे के अंदर पहुंचता है। दरवाजे में पुराने जमाने के विशाल किवाड़ ज्यों के त्यों लगे हुए हैं।
8. शेख सलीम की मान्यता के लिए अनेक यात्रियों द्वारा किवाड़ों पर लगवाई हुई घोड़े की नालें दिखाई देती हैं।
9. बुलंद दरवाजे को, 1602 ई. में अकबर ने अपनी गुजरात-विजय के स्मारक के रूप में बनवाया था।
10. इसी दरवाजे से होकर शेख की दरगाह में प्रवेश करना होता है। बाईं ओर जामा मस्जिद है और सामने शेख का मज़ार।
Updated on:
12 Aug 2019 03:52 pm
Published on:
13 Aug 2019 05:00 pm
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