
Closure of govt schools may increase drop out
आगरा। स्कूलों का सत्र शुरू हो चुका है। नए सत्र में विभाग की लचर कार्यप्रणाली के चलते शिक्षा विभाग को तगड़ा राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। सरकारों द्वारा दिए गए आदेशों को ताक पर रखकर शहर के गली और मोहल्लों में गैर मान्यता प्राप्त स्कूल धड़ल्ले से चल रहे हैं। शिक्षा विभाग की नाक के नीचे संचालित होने वाले स्कूलों को विभागीय आशीर्वाद मिला है।
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चिन्हित किए गए स्कूलों पर नहीं हुई कार्रवाई
जनपद में माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा कुछ वर्ष पूर्व गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के खिलाफ अभियान चलाया गया था। जिसमें बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा करीब 450 स्कूल चिन्हित किए गए थे। वहीं 300 से अधिक स्कूल माध्यमिक स्कूल चिन्हित किए थे। इन स्कूलों को नोटिस जारी किए गए और मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी भी दी गई। लेकिन, संचालकों पर कोई असर नहीं हुआ। सूत्रों के मुताबिक स्कूल संचालकों पर राजनीतिक संरक्षण होने के चलते उन्हें कोई खौफ नहीं है। गली मोहल्लों में चलने वाले प्ले ग्रुप के स्कूल प्रति छात्र हजारों रुपये की फीस वसूल रहे हैं और सरकार के राजस्व को चूना लगा रहे हैं।
ऐसे माफिया भी सक्रिय, विभाग सबकुछ जानकर भी मौन
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में योगी सरकार ने नकल विहीन परीक्षा कराने का संकल्प लिया तो शिक्षा माफियाओं को तारे नजर आ गए। सूत्र बताते हैं कि शिक्षा माफियाओं द्वारा खोले गए स्कूल बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। स्कूल में छात्रों को शिक्षा दी जा रही है। लेकिन, उन्हें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के एग्जाम के लिए दूसरे स्कूलों से संबद्ध किया जाता है। शिक्षा माफिया प्रति छात्र से पांच से दस हजार रुपये तक फीस की वसूली कर रहे हैं। शिक्षा विभाग सबकुछ जानकर भी मौन है।
Published on:
03 Jul 2018 01:21 pm
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