
Encroachment demolition
आगरा। मामला किरावली का है। यहां पर अतिक्रमण हटवाने गई तहसील प्रशासन की टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया। भेदभाव का आरोप लगाया। जमकर नोंकझोंक हुई। आनन फानन में अधिकारी मौके से निकल गए।
ये था मामला
मामला किरावली नगर पंचायत स्थित गांव भवनपुरा के गाटा संख्या 364 का है। उक्त भूमि पर अपनी पैतृक जमीन होने का दावा करते हुए कुछ लोगों ने बाउंड्रीवाल करवा दी। गांव के ही अन्य लोगों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की। अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया। एसडीएम अरुण कुमार, एसओ अछनेरा अजय कुमार सिंह की मौजूदगी में अतिक्रमण को हटवाने के लिए सर्किल के फोर्स को मौके पर बुलवा लिया गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण स्थल पर विरजो और किशुनी पुत्र पटोली के मकान को जमींदोज कर दिया गया। इसके अलावा बाउंड्रीवाल को हटवा दिया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि टीम ने कुछ दबंगों द्वारा किये गए पक्के अवैध निर्माण को छुआ तक नहीं।
जमकर हुई नौंक झोंक
अतिक्रमण हटाने में प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगने लगे, ये देख अधिकारी सन्न रह गए। दबंगों के अवैध अतिक्रमण को भी तोड़ने की मांग की गई। ग्रामीणों की मांग को तहसील प्रशासन ने अनसुना कर दिया। इसको लेकर ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन की टीम को जमकर खरी खोरी सुनाईं। एसडीएम अरुण कुमार की गाड़ी को घेर लिया। ग्रामीणों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण सम्पूर्ण अतिक्रमण को हटाए बिना मौके से हटने को तैयार नहीं थे। मौके पर पुलिस फोर्स के भी हाथ फूंल गए। मामले में एसडीएम अरुण कुमार ने बताया कि अतिक्रमण किसी को नहीं करने दिया जाएगा। जांच के बाद अन्य लोगों पर कार्रवाई होगी।
वोट बैंक की रंजिश निकालने का आरोप
अतिक्रमण हटाने के दौरान ग्रामीणों ने एक जनप्रतिनिधि पर वोट ना देने के कारण बदले की कार्रवाई का आरोप लगाते हुए, गरीबों पर जुल्म करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि उसके इशारे पर तहसील प्रशासन एक पक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
Published on:
07 Dec 2017 07:16 pm
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