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ताजमहल में प्रवेश अब मेट्रो की तरह, यहां पढ़िए पूरी जानकारी

दिल्ली में बैठे अधिकारियों को भी पता रहेगी पर्यटकों की संख्या, ताजमहल में टर्न स्टाइल गेट लगाए गए, रेवती का बाड़ा और सहेली बुर्ज से प्रवेश  

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tajmahal

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आगरा।ताजमहल अब मेट्रो की तरह होने जा रहा है। अब ये न समझ लीजिए कि ताजमहल में मेट्रो ट्रेन चलने वाली है। ताजमहल में प्रवेश की व्यवस्था मेट्रो की तरह हो जाएगी। इसके लिए ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट पर टर्न स्टाइल गेट लगाए गए हैं। दिल्ली और आगरा कार्यालय में बैठे अधिकारियों को भी पता रहेगा कि ताजमहल में किस गेट से कितने पर्यटकों ने प्रवेश किया। ताजमहल में तीन घंटे ही रहने का नियम भी लागू हो जाएगा। कागज के टिकट के स्थान पर रंगीन सिक्का मिलेगा। पश्चिमा गेट पर सोमवार से इसका परीक्षण शुरू हो रहा है। बताया जा रहा है कि कुतुबमीनार और पुराना किला दिल्ली में भी टर्न स्टाइल गेट लगाए जाने हैं।

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रेवती का बाड़ा और सहेली बुर्ज से मिलेगा प्रवेश

ताजमहल में प्रवेश के दो द्वार है। पश्चिमी गेट और पूर्वी गेट। पश्चिमी गेट पर रेवती का बाड़ा में व्यवस्थाएं की गई हैं। यहीं पर पर्यटकों की चेकिंग होगी। एक्स-रे मशीन लगेगी। यहीं से टिकट मिलेगा। पूर्वी गेट पर सहेली बुर्ज के पार्क को समाप्त करके व्यवस्था की गई है। दोनों स्थानों पर टिन शेड लगाए गए हैं। यहीं पर टर्न स्टाइल गेट लगाए गए हैं। पश्चिमी गेट पर कुल 12 गेट लगे हैं। रेवती के बाड़ा से पश्चिमी गेट के प्रवेश द्वार तक जाने के लिए जाली लगाकर डक्ट बनाई जाएगी। एक बार जो इस डक्ट में प्रवेश कर गया, वह लौटकर नहीं आ सकता है। बाहर से भी कोई सामान नहीं ले सकता है। सहेली बुर्ज से पूर्वी गेट के प्रवेश द्वार तक भी यही व्यवस्था रहेगी। पुरात्तव अधिकारी अमरनाथ गुप्ता ने बताया कि टिनशेड लगाने का काम पूरा हो गया है। नई व्यवस्था से पर्यटकों को हर स्तर पर सहूलियत होगी।

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क्या है टर्न स्टाइल गेट

जिन्होंने मेट्रो से यात्रा की है, उन्हें पता है कि टर्न स्टाइल गेट क्या होता है। टर्न स्टाइल गेट तभी खुलता है, जब उसमें सिक्का स्पर्श कराया जाता है। लौटते में अगर आप सिक्का डाल देते हैं, तो गेट खुल जाता है, अन्यथा नहीं। टर्न स्टाइल गेट लगाने का काम गोदरेज कंपनी कर रही है। 15 जून तक दोनों द्वारों पर गेट लगाने का काम पूरा कर लेना है।

क्या होगा लाभ

टर्न स्टाइल गेट एक सर्वर के माध्यम से जुड़े रहेंगे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के दिल्ली और मालरोड, आगरा स्थित कार्यालय में बैठे अधिकारियों को पता रहेगा कि किस समय कितने पर्यटकों ने प्रवेश किया और निकले। यह भी पता रहेगा कि ताजमहल में किस श्रेणी के कितने पर्यटक मौजूद हैं। इससे भीड़ प्रबंधन किया जा सकता है। ताजमहल में अगर अधिक पर्यटक हैं, तो कुछ समय के लिए प्रवेश रोका जा सकता है। अभी तो पर्यटकों को धूप और बारिश में भी लम्बी लाइन में लगना पड़ता है। नई व्यवस्था के बाद यह समस्या समाप्त हो जाएगी। पर्यटक बारिश और धूप से बचे रहेंगे।

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तीन रंग के सिक्के

तीन रंग के सिक्के फिलहाल आ गए हैं। नीला, पीला और हरा। इसमें से किस रंग का सिक्का किस तरह के पर्यटक को दिया जाएगा, तय होना है। ताजमहल में भारतीय, विदेशी, बच्चे, सार्क देश, विम्स्टेक देश के नागरिकों के लिए अलग-अलग टिकट की व्यवस्था है। 15 साल तक के बच्चों प्रवेश निःशुल्क है। इन्हें कोई टिकट नहीं दिया जाता है। इससे पता नहीं चलता था कि कितने बच्चों ने प्रवेश किया। अब प्रत्येक व्यक्ति की गिनती होगी। तीन घंटे से अधिक समय तक ताजमहल में रहे तो लौटते में गेट नहीं खुलेगा। इसके लिए टिकट को रिचार्ज कराना होगा।

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