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फिल्म पानीपत पर मचा घमासान, आगरा में भी उठी विरोध की आवाज

  राष्ट्रीय बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज कुमार ने भी इस फिल्म का विरोध किया है।

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आगरा

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suchita mishra

Dec 09, 2019

panipat

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आगरा। आशुतोष गोवारिकर द्वारा निर्देशित फिल्म पानीपत शुक्रवार को रिलीज हुई है। इस फिल्म को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। फिल्म में महाराजा सूरजमल को गलत ढंग से प्रदर्शित करने के कारण विरोध किया जा रहा है। राष्ट्रीय बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज कुमार ने भी इस फिल्म का विरोध किया है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज कुमार का कहना है कि महाराजा सूरजमल का मातृशक्ति के प्रति सम्मान सब जानते हैं। पानीपत की लड़ाई में उन्होंने महिलाओं व हजारों सैनिकों के लिए रहने, खाने-पीने व दवाओं की व्यवस्था की। उन्होंने तब तक सेवा की, जब तक कि वे सब स्वस्थ नहीं हो गए। जब वो गए तो रास्ते में खाने के लिए भोजन व कपड़ों की भी व्यवस्था की। इतिहास कहता है कि उस समय भरतपुर का कोश खाली हो गया था। लेकिन महाराजा सूरजमल ने इसकी परवाह किए बगैर हिंदुत्व, अतिथि देवो भव और इंसानियत तीनों का परिचय दिया था और देश व हिंदुत्व की रक्षा के लिए युद्ध में भाग लेने का निश्चय किया था।

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लेकिन फिल्म में महाराजा सूरजमल का जीवन चित्रण गलत प्रकार से दिखाया गया है। बड़े शर्म की बात है कि फिल्म इंडस्ट्री आज हमारे इतिहास को तोड़ मरोड़ कर दिखा रही है। ये जातिगत हिंसा फैलाने का काम कर रही है। हिंदू समाज हमेशा से अखंड भारत, एक भारत के रूप में परिचायक रहा है। मनोज कुमार का कहना है कि वे पानीपत फिल्म का विरोध करते हैं और भारत सरकार से मांग करते हैं कि सेंसर बोर्ड ऐसी फिल्मों को बारीकी से जांच परख करने के बाद ही अनुमति दे।

ये है विवाद
फिल्म में दिखाया गया है कि महाराजा सूरजमल को हमलावर अफगानों के खिलाफ मराठों की मदद के बदले में कुछ चाहिए था। जब उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो उन्होंने सदाशिव को लड़ाई में साथ देने से इनकार कर दिया।