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कुष्ठ रोगियों के लिए काम की खबर: शुरू हुआ स्पर्श कुष्ठ जागरूक अभियान

सुन्न दाग धब्बों का ज्ञान, कुष्ठ रोग की है पहचान, यह लाइलाज बीमारी नहीं बल्कि सरकारी अस्पतालों में होता है इसका मुफ्त इलाज

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आगरा

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Abhishek Saxena

Jan 30, 2019

leprosy disease

leprosy

आगरा| जिले में लोगों को कुष्ठ रोग मुक्त बनाने के लिए 30 जनवरी से 13 फरवरी तक स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार वत्स की अध्यक्षता में जिला चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में कुष्ठ जागरुकता के लिए जिलाधिकारी का संदेश पढ़ा गया। वहीं जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में कुष्ठ जागरुकता के लिए जिलाधिकारी का संदेश पढ़ा गया और सभी ग्राम सभाओं में ग्राम प्रधानों का संदेश उनके द्वारा पढ़ कर लोगों को सुनाया गया। शपथ के दौरान डिप्टी एसीएमओ, जिला कुष्ठ अधिकारी, डॉ. यू.के त्रिपाठी, डिप्टी डीएचईआईओ अनिल कुमार, एडीआरओ आदि मौजूद रहे।

लोगों को दी जाएगी जानकारी
जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. संत कुमार ने बताया कि सुन्न दाग धब्बों का ज्ञान ही कुष्ठ रोग की पहचान है। इस अभियान में कुष्ठ रोग के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए दीवार लेखन, नुक्कड़ नाटक, क्विज प्रतियोगिता, जनसंदेश, पम्पलेट्स इत्यादि के द्वारा लोगों को जागरूक किया जाएगा।
डॉ. कुमार ने बताया कि 30 जनवरी का दिन स्पर्श डे के रूप में मनाया जाता है, जिसमें जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में कुष्ठ जागरुकता के लिए जिलाधिकारी का संदेश पढ़ा जाता है और सभी ग्राम सभाओं में ग्राम प्रधानों का संदेश उनके द्वारा पढ़ कर लोगों को सुनाया जाता है। इन कार्यक्रम के अलावा किसी भी स्कूल के बच्चों द्वारा गांधी जी की भूमिका निभाते हुए कुष्ठ रोग के संबंध में जागरूक किया जाएगा और गांधी जी द्वारा कुष्ठ रोग के प्रति उनके योगदान के बारे में लोगों को बताया जाएगा।

सभी स्कूलों में होगा जागरूक
ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति का सहयोग भी लिया जाएगा। स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान के दौरान ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के सभी प्राथमिक स्कूल, जूनियर स्कूल, इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेजों मेडिकल व पैरा मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग कॉलेज एवं स्वैच्छिक संस्थानों में संस्था प्रमुखों द्वारा अपने संस्थानों में कुष्ठ रोग से संबन्धित आम सवाल जवाब व भ्रांतियों पर चर्चा की जाएगी। डॉ. कुमार ने बताया कि इस अभियान के बाद 15 से 28 फरवरी तक कुष्ठ रोगी खोज अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें स्वस्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर कुष्ठ रोगियों की खोज करेंगी। इसमें आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकत्री घर घर जाकर कुष्ठ रोगियों की पहचान कर उन्हें संदर्भित करेंगे। इस काम के लिए लगभग 4500 टीमें लगाई गई हैं। यदि कोई कुष्ठ रोगी मिलता है, तो पीएचसी और सीएचसी पर ही उसको एमडीटी दवा दी जाएगी। डॉ. कुमार ने बताया कि आगरा जिले में अप्रैल 2018 से लेकर अभी तक लगभग 168 नए कुष्ठ रोगी खोजे गए है, जिनको दवा दी जा रही है। इसके साथ ही आशा को इन्सेंटिव के रूप में केस चिन्हित करने पर 250 रुपये तथा पीवी केस(पौसी बेसेलरी) के कंप्लीट ट्रीटमेंट के बाद 400 तथा एमबी केस (मल्टी बेसेलरी) के कंप्लीट ट्रीटमेंट के बाद 600 रुपये दिये जाते हैं।

क्या है कुष्ठ रोग
कुष्ठ रोग एक संक्रामक रोग है| यह रोग माइकोबैक्टीरियम लेप्री बैक्टीरिया के कारण होता है। यह संक्रमण रोगी की त्वचा को प्रभावित करता है तथा रोगी की तंत्रिकाओं को नष्ट कर देता है। यह रोग आंख और नाक में समस्याएं पैदा कर सकता है।


क्या हैं लक्षण
सामान्य त्वचा की तुलना में त्वचा पर थोड़े लाल, गहरे या हल्के धब्बे हो।
यह धब्बे सुन्न हो सकते है तथा यह त्वचा के प्रभावित हिस्से पर होने वाले बालों के झड़ने की समस्या को भी पैदा कर सकते है।
हाथ, उंगली या पैर की अंगुली का सुन्न होना।
चेहरा या आंखों में सूजन या लालिमा
आंखों की पलकों के झपकने में कमी

उपचार
कुष्ठ रोग पूर्णतया साध्य है
सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में इसका मुफ्त इलाज उपलब्ध है
जल्द जांच समय पर इलाज करने से इस रोग से मुक्ति मिल सकती है व विकलांगता से बचा जा सकता है

भ्रांतियां
कुष्ठ रोग पूर्व जन्म में किया गए पापों का फल नहीं है
सफ़ेद दाग कुष्ठ रोग नहीं है