
Ganesh chaturthi 2017
आगरा। गणेश भगवान 25 अगस्त को आ रहे हैं। 25 अगस्त से गणेश चतुर्थी का उत्सव शुरू हो जाएगा। 11 दिन चलने वाले इस उत्सव के लिए भक्तों ने तैयारियां जोरों से शुरू कर दी हैं। सभी अपने सामर्थ्य के हिसाब से गणेश जी को प्रसन्न करने में लगे हैं।
इस दिन हुआ था जन्म
ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र ने बताया कि गणेश चतुर्थी हर साल भाद्रपद के चौथे दिन मनाई जाती है। भगवान गणेश का इस दिन जन्म हुआ था। उन्होंने बताया कि गणेश चतुर्थी 2017 इस बार 10 नहीं, बल्कि 11 दिन का उत्सव मनाया जाएगा। चतुर्थी के दिन काफी लोग भगवान गणेश की मूर्ति को अपने घर लेकर आते हैं। विधि-विधान के साथ उन्हें स्थापित किया जाता है। अगर थोड़ी सावधानी और ध्यान मूर्ति स्थापना के वक्त रखा जाए तो गजराज की पूजा से दोगुने फल की प्राप्ति होती है।
ऐसे करें गणपति की स्थापना
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि गणेश जी की स्थापना के दिन सबसे पहले घर की सफाई करें और उसके बाद खुद स्नान करें। कोशिश करें कि घर के कोने-कोने में धूप-अगरबत्ती जलाएं, जिससे घर का शुद्दिकरण हो सके। सुगंधित धूप और दीप से गणेश जी की पूजा करने के लिए एक कलश में पानी भरने के बाद उसका मुंह लाल रंग के कपड़े से ढंक दें। कलश में रोली और अक्षत को भी डाल कर रखें। इसके बाद कलश को गणेश जी के बगल में रख दें। गणपति जी को फूल और नये रंगीन वस्त्रों से सजाना चाहिए। रोली, फूल चढ़ाते हुए सुगंधित धूप और दीप से गणेश जी की पूजा करनी चाहिए।
इस मंत्र का करें जाप
स्थापना करते समय गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करें। उसके बाद गणेश जी को मोदक या लड्डू का भोग लगाएं। गणपति जी की अराधना करने के बाद आरती करें और प्रसाद लोगों में बांटें। गणपति का आवास-काल ये भक्तों के ऊपर निर्भर करता है कि वो अपने घर में गणेश जी को कितने दिनों के लिए लेकर आए हैं। लोग गणेश जी को 1 दिन या 3 दिन या 5 दिन या 7 दिन के लिए लाते हैं तो कहीं-कहीं पर पूरे 10 दिन तक गणपति विराजते हैं।
विसर्जन के समय रखें इन बातों का ध्यान
गणेश 'विसर्जन के समय भी खास बातों का ध्यान रखने की जरूरत है। आज कल बाजार में कई प्रकार की मूर्तियां मिल रही हैं, प्रयास ये करें कि मिट्टी से बनी मूर्ति को ही घर में लाएं। इससे पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है और मिट्टी की मूर्तियां शुद्ध मानी जाती हैं। गणपति विसर्जन तालाब या नदी में करना चाहिए। एक खास बात ये भी है कि गणेश विसर्जन पुरुषों के हाथ से हो तो अधिक शुभ माना जाता है।
Published on:
23 Aug 2017 09:37 am
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