
आगरा। Gangajal Project किसने शुरू किया, कौन इसे शहर में लेकर आया, इस पर विवाद वैसे तो बहुत पुराना है, लेकिन हाल ही में जो हुआ, वो हैरान कर देने वाला है। भाजपा के ही एक नेता ने गंगाजल वितरण की व्यवस्था को लेकर जिस डीपीआर के लिए प्रेसवार्ता कर खुद का बताया, उस पर विधायक योगेन्द्र उपाध्याय ने आज बड़ा खुलासा किया। भाजपा विधायक ने कहा कि मुझे दूसरों की दीवारों पर पोस्टर नहीं लगाने और नाहीं ऐसी राजनीति में विश्वास रखता हूं। सभी जानते हैं, कि ये प्रयास किसके हैं।
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ये बोले विधायक
आगरा दक्षिण से भाजपा विधायक योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि शहर वर्षों से पेयजल संकट से जूझ रहा है। इस समस्या के समाधान के लए वर्ष 2012 से ही Gangajal Project की कठिनाइयों को दूर कराते हुए पूर्ण कराने में जुट गए। विधायक ने बताया कि 2015 में उन्हें यकीन हो गया था, कि 2018 के अंत तक गंगाजल आगरा पहुंच जाएगा। इसके लिए उन्होंने इसके वितरण के लिए भी प्रयास शुरू कर दिए। इन प्रयासों की वजह से पेयजल आपूर्ति के लिए 197 करोड़ की डीपीआर को स्वीकृति मिल गई। वहीं अब जब गंगाजल शहर में आ चुका है, तो विवाद 127.95 करोड़ की उस डीपीआर पर है, जिसे लेकर भाजपा नेता ने हाल ही में प्रेसवार्ता बुलाकर खुद श्रेय लेना चाहा।
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