
GG hospital
आगरा। जीजी हॉस्पीटल प्रतिदिन सरकार की 80 यूनिट बिजली बचा रहा है। लगभग एक माह से सोलर एनर्जी से रोशन हो रहा जीजी हॉस्पीटल आगरा का पहला हॉस्पीटल है, जहां सोलर सिस्टम का प्रयोग किया जा रहा है। यहां एसी, ऑपरेशन थिएटर से लेकर डायलिसिस तक सोलर सिस्टम से बिजली प्राप्त कर संचालित हो रहे हैं।
हॉस्पीटल के निदेशक डॉ. डीसी गोयल ने बताया कि ताजनगरी में यदि सोलर सिस्टम को बढ़ावा मिले, तो जनरेटर का प्रयोग बंद कर प्रदूषण के स्तर को कम करने के साथ सरकार के ऊपर भी बिजली उपलब्ध कराने के लोड को कम किया जा सकता है। उन्होंने सोलर सिस्टम का शुभारम्भ फीता काटकर करते हुए कहा कि अस्पताल एक ऐसा संस्थान है 24 घंटे बिजली की आवश्यकता होती है, लेकिन डिमांड और सप्लाई में परेशानी आने के कारण हमने सोलर सिस्टम की ओर ध्यान दिया। यह जीरो स्क्वायर एनर्जी सॉल्युशन प्राइवेट लिमिटेड ने संभव कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह बिजली की डिमांड बढ़ रही है, सम्भव नहीं कि सरकार सभी को पर्याप्त बिजली उपलब्ध करा सके। अब जबकि हमारे पास बिजली के उत्पादन के लिए प्राकृतिक संसाधन हैं, तो उसका प्रयोग क्यों न किया जाए। इसके लिए सरकारी व निजि संस्थानों को सोलर सिस्टम लगाने चाहिए। इससे जनरेटर का प्रयोग न होने से प्रदूषण तो कम होगा ही साथ ही सरकार पर भी बिजली का लोड कम होगा और आर्थिक फायदा भी होगा।
आगरा का पहला अस्पताल
जीरो स्क्वायर एनर्जी सॉल्युशन कंपनी के सीईओ पंकज कुमार गुप्ता ने बताया कि सबसे पहले जीजी हॉस्पिटल में आउटडेटेड एसी को हटाया गया, इसके बाद हॉस्पिटल में एसी की प्राथमिकता, बजट और सिस्टम के खर्चे का आंकलन करते हुए वैरिएबल रिफ्रिजरन्ट फ्लो (वीआरएफ) सिस्टम लगाए गए। इससे हॉस्पिटल का बिजली की खपत बहुत कम हो गई। साथ ही ऑपरेशन थिएटर सहित जिन स्थानों पर वातानुकूलित चाहिए वह संभव हो सका। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से रूफ टॉप सोलर सिस्टम ग्रिड लगाई गई। जिससे रेनूअबल सोर्स ऑफ एनर्जी दोबारा प्राप्त किया जा सके और बिजली का उत्पादन हो सके। इस तरह जीजी हॉस्पिटल पूरी तरह से अपनी बिजली से चलने वाला अस्पताल बन चुका है। जीरो स्क्वायर के बिजनेस हेड भूपेंद्र पचौरी ने बताया कि हमारी टीम ने डॉ. डीसी गोयल के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए प्रोजेक्ट पूरा किया।
20 किलोवॉट कम हो गई बिजली की खपत
डॉ. डीसी गोयल ने बताया कि हमारे अस्पताल में 140 किलोवॉट का लोड है। सोलर सिस्टम लगाने के बाद अब वह घटकर 120 किलोवॉट हो गया है। यानि हमने सरकार पर 20 किलोवॉट बिलजी का लोड कम किया, जो किसी किसान या किसी के घर को रोशन कर सकेगा। अभी यह सिर्फ ट्राइल है। इस लोड को कुछ महीनों में आधा कर दिया जाएगा, साथ ही अन्य संस्थानों को भी इसके लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
Published on:
06 Mar 2018 12:05 pm
बड़ी खबरें
View Allआगरा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
